भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की अटकलें खारिज
पेट्रोल और डीजल के बढ़ जाएंगे दाम? बढ़ोतरी की अटकलों पर सरकार ने किया क्लियर
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Image: Jagran
भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के बावजूद पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी की कोई योजना नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने हालिया अटकलों को भ्रामक बताया है और कहा है कि पिछले चार वर्षों में कीमतें स्थिर रही हैं।
- 01सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की अटकलों को खारिज किया।
- 02कच्चे तेल की कीमतें पिछले साल के 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 113 डॉलर से अधिक हो गई हैं।
- 03पेट्रोलियम मंत्रालय ने कहा कि पिछले चार वर्षों में भारत में ईंधन की कीमतें नहीं बढ़ी हैं।
- 04कुछ रिपोर्टों में 25-28 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया गया था।
- 05सरकार ने नागरिकों को कीमतों में वृद्धि के प्रभाव से बचाने के लिए कदम उठाए हैं।
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भारत सरकार ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के बावजूद पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी की कोई योजना नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियां पेट्रोल पर लगभग 20 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर लगभग 100 रुपये प्रति लीटर का नुकसान उठा रही हैं। मंत्रालय ने हाल ही में आई रिपोर्टों को खारिज किया, जिसमें कहा गया था कि चुनाव के बाद कीमतों में 25-28 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने बताया कि पिछले चार वर्षों में भारत में ईंधन की कीमतें स्थिर रही हैं, जबकि कच्चे तेल की कीमतें पिछले साल 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर इस महीने औसतन 113 डॉलर से अधिक हो गई हैं। मंत्रालय ने नागरिकों में डर पैदा करने वाली खबरों को भ्रामक बताया और कहा कि सरकार लगातार कदम उठा रही है ताकि भारतीय नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय कीमतों में वृद्धि के प्रभाव से बचाया जा सके।
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यह स्पष्टता नागरिकों को ईंधन की कीमतों में संभावित वृद्धि के बारे में चिंता करने से रोकती है।
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