विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार से निकासी ₹2 लाख करोड़ के पार पहुंची
अब तक ₹2 लाख करोड़... ऐसा क्या डर, जिससे FPI का मूड खराब?
Aaj Tak
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इस साल विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की भारतीय शेयर बाजार से निकासी ₹2 लाख करोड़ (लगभग $240 बिलियन USD) को पार कर गई है। मुख्य कारण वैश्विक तनाव और बढ़ती महंगाई है, जिससे निवेशकों का मूड खराब हो गया है।
- 01इस साल अब तक FPI की निकासी ₹2 लाख करोड़ के पार पहुंची है।
- 02मई में अब तक ₹14,231 करोड़ की निकासी हुई है।
- 03अप्रैल में FPI ने ₹60,847 करोड़ की बिकवाली की थी।
- 04फरवरी 2026 में FPI ने ₹22,615 करोड़ का निवेश किया था।
- 05ग्लोबल टेंशन और महंगाई के कारण निवेशकों का सेंटिमेंट खराब हुआ है।
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भारतीय शेयर बाजार से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की निकासी का सिलसिला जारी है, और इस साल अब तक यह आंकड़ा ₹2 लाख करोड़ (लगभग $240 बिलियन USD) के पार पहुंच गया है। फरवरी महीने को छोड़कर, सभी महीनों में बिकवाली का सिलसिला जारी रहा है। मई में अब तक ₹14,231 करोड़ की निकासी हुई है, जबकि अप्रैल में यह आंकड़ा ₹60,847 करोड़ था। FPI की बिकवाली का मुख्य कारण वैश्विक तनाव और बढ़ती महंगाई है, जिससे निवेशकों का मूड खराब हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका-ईरान के बीच चल रहे तनाव और क्रूड की कीमतों में वृद्धि ने महंगाई के जोखिम को बढ़ाया है। इस साल फरवरी में FPI ने ₹22,615 करोड़ का निवेश किया था, लेकिन इसके अलावा सभी महीनों में बिकवाली का रुख देखा गया है।
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विदेशी निवेशकों की निकासी से भारतीय शेयर बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है, जिससे घरेलू निवेशकों के लिए भी चुनौतियाँ उत्पन्न हो सकती हैं।
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