मुंबई-पुणे 'मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट' से यात्रा में कमी और सुरक्षा में सुधार
तेज और सुरक्षित सफर... कितना खास है मुंबई-पुणे के बीच शुरू हो रहा 'मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट'
Aaj Tak
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मुंबई और पुणे के बीच 'मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट' 1 मई से शुरू होगा, जिससे यात्रा समय लगभग 30 मिनट कम होगा और सुरक्षा बढ़ेगी। यह प्रोजेक्ट 13.3 किलोमीटर लंबा है और इसमें आधुनिक टनल और केबल-स्टेड ब्रिज शामिल हैं।
- 01प्रोजेक्ट से यात्रा समय में लगभग 30 मिनट की कमी होगी।
- 02इसमें दो विशाल टनल और एक केबल-स्टेड ब्रिज शामिल हैं।
- 03प्रोजेक्ट की लागत ₹6,695 करोड़ है।
- 04सड़क पर अधिकतम गति सीमा कारों के लिए 100 किमी/घंटा और बसों के लिए 80 किमी/घंटा है।
- 05यह प्रोजेक्ट 'जीरो फेटालिटी कॉरिडोर' के रूप में विकसित किया गया है।
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मुंबई और पुणे के बीच 'मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट' 1 मई से शुरू होगा, जो यात्रियों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा। यह प्रोजेक्ट 13.3 किलोमीटर लंबा है और इसमें दो विशाल टनल शामिल हैं, जिनकी लंबाई क्रमशः 1.68 किमी और 8.87 किमी है। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य यात्रा समय को 30 मिनट कम करना और यात्रियों की सुरक्षा को बढ़ाना है। राज्य परिवहन विभाग ने नियमों के तहत प्रारंभिक चरण में केवल हल्के वाहनों को अनुमति दी है, जबकि मालवाहक वाहनों के लिए समीक्षा के बाद अनुमति दी जाएगी। प्रोजेक्ट की कुल लागत ₹6,695 करोड़ है और इसे 'जीरो फेटालिटी कॉरिडोर' के रूप में विकसित किया गया है, जिसमें आधुनिक सुरक्षा सुविधाएं शामिल हैं। इससे रोजाना लगभग ₹9 करोड़ ईंधन की बचत का अनुमान है।
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इस प्रोजेक्ट से यात्रियों को यात्रा में समय की बचत होगी और सुरक्षा में सुधार होगा, जिससे उन्हें बेहतर यात्रा अनुभव मिलेगा।
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