झांसी में करोड़ों रुपये के खेल किट घोटाले की जांच में विजिलेंस की सक्रियता
Jhansi: करोड़ों रुपये के खेल किट मामले में तत्कालीन बीएसए की भूमिका तलाश रही विजिलेंस, शिक्षकों के बयान दर्ज
Amar Ujala
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झांसी, उत्तर प्रदेश में करोड़ों रुपये के खेल किट घोटाले की जांच में विजिलेंस ने तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) की भूमिका की तलाश शुरू की है। कई शिक्षकों के बयान दर्ज किए गए हैं, जिनके अनुसार बीएसए ने चहेती फर्म से खेल सामग्री की खरीद कराई थी।
- 01विजिलेंस ने खेल किट घोटाले में बीएसए की भूमिका की जांच शुरू की है।
- 02खेल सामग्री की खरीद प्राथमिक विद्यालयों के लिए की गई थी, लेकिन गुणवत्ता खराब थी।
- 03बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय के लिए ₹5,000 और उच्च प्राथमिक विद्यालय के लिए ₹10,000 की राशि दी थी।
- 04शिक्षकों ने बीएसए के दबाव में चहेती फर्म से सामग्री खरीदी।
- 05प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष ने विजिलेंस में शिकायत दर्ज कराई थी।
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झांसी, उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग के तहत करोड़ों रुपये के खेल किट घोटाले की जांच विजिलेंस द्वारा की जा रही है। विजिलेंस ने कई शिक्षकों के बयान दर्ज किए हैं, जिनमें आरोप है कि तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) वेदराम ने अपने चहेते फर्म से खेल सामग्री की खरीद कराई। शासन ने प्रत्येक प्राथमिक विद्यालय के लिए ₹5,000 और उच्च प्राथमिक विद्यालय के लिए ₹10,000 की राशि निर्धारित की थी, लेकिन खरीदी गई सामग्री की गुणवत्ता खराब थी, जिसके कारण इसका उपयोग नहीं हो सका। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र दीक्षित ने इस मामले की शिकायत विजिलेंस में की थी, जिसके बाद जांच शुरू की गई। विजिलेंस के एसपी राजेंद्र यादव ने कहा कि आरोपों की जांच चल रही है।
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इस घोटाले की जांच से शिक्षा विभाग में पारदर्शिता बढ़ सकती है और भविष्य में ऐसी अनियमितताओं को रोकने में मदद मिलेगी।
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