उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से 24 लोगों की मौत, फसलों को भारी नुकसान
यूपी में कुदरत का कहर: आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली गिरने से 24 की मौत, फसलें तबाह
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Image: Jagran
उत्तर प्रदेश में सोमवार को आई तेज आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली गिरने से 24 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हुए। इस प्राकृतिक आपदा ने जनजीवन को प्रभावित किया और फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचाया। कृषि मंत्री ने मौसम केंद्रों की स्थापना में देरी पर नाराजगी जताई है।
- 01उत्तर प्रदेश में प्राकृतिक आपदा से 24 लोगों की मौत हुई।
- 02आंधी और वज्रपात से फसलों को भारी नुकसान पहुंचा।
- 03बिजली के खंभे गिरने से सैकड़ों गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हुई।
- 04कृषि मंत्री ने मौसम केंद्रों की स्थापना में देरी पर नाराजगी जताई।
- 05लापरवाही करने वाली एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
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सोमवार को उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आई तेज आंधी, बारिश और वज्रपात ने भारी तबाही मचाई, जिससे 24 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए। आंधी के कारण बिजली के खंभे गिरने और तार टूटने से सैकड़ों गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। फसलों को भी गंभीर नुकसान हुआ, विशेषकर आम और सब्जियों की फसलें प्रभावित हुईं। लखनऊ में दीवार गिरने की दो घटनाओं में दो लोग मारे गए। अन्य जिलों में भी वज्रपात और पेड़ गिरने के कारण कई लोगों की जान गई। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने मौसम केंद्रों की स्थापना में देरी पर नाराजगी जताई और सभी केंद्रों की स्थापना का काम 30 मई तक पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने लापरवाही करने वाली एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
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इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों की फसलें बर्बाद कर दी हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
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