डुअल ओटीपी सिस्टम से साइबर फ्रॉड पर लगेगी रोक
साइबर फ्रॉड करने वालों का खेल होगा खत्म! शुरू हुआ Dual OTP सिस्टम, जानिए क्या है यह और कैसे बचाएगा आपके पैसे

Image: Zee News
डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने डुअल ओटीपी सिस्टम पेश किया है। यह सिस्टम दो ओटीपी भेजता है, एक अकाउंट होल्डर के फोन पर और दूसरा उनके परिवार के सदस्य के फोन पर, जिससे ठगों के लिए धोखाधड़ी करना मुश्किल हो जाएगा।
- 01डुअल ओटीपी सिस्टम में एक ओटीपी अकाउंट होल्डर के फोन पर और दूसरा उनके परिवार के सदस्य के फोन पर भेजा जाएगा।
- 02यह सिस्टम तब तक ट्रांजेक्शन को पूरा नहीं होने देगा जब तक दोनों ओटीपी दर्ज नहीं किए जाते।
- 03बैंक संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत परिवार के सदस्य को अलर्ट भेजेगा।
- 04जम्मू-कश्मीर और हरियाणा पुलिस ने इस सुविधा की शुरुआत की है।
- 05साइबर फ्रॉड का शिकार होने पर राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
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डिजिटल फ्रॉड के मामलों में वृद्धि के मद्देनजर, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बुजुर्गों और अन्य संवेदनशील लोगों की सुरक्षा के लिए डुअल ओटीपी सिस्टम पेश किया है। इस सिस्टम में ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के दौरान दो ओटीपी भेजे जाते हैं: पहला ओटीपी अकाउंट होल्डर के फोन पर और दूसरा उनके किसी भरोसेमंद परिवार के सदस्य के फोन पर। यह सुनिश्चित करता है कि जब तक दोनों ओटीपी दर्ज नहीं किए जाते, तब तक कोई भी ट्रांजेक्शन पूरा नहीं होगा। यदि कोई संदिग्ध गतिविधि होती है, तो बैंक तुरंत परिवार के सदस्य को अलर्ट भेजेगा। इस प्रकार, यदि ठग पहले ओटीपी को प्राप्त कर भी लेते हैं, तो भी ट्रांजेक्शन नहीं हो पाएगा। जम्मू-कश्मीर और हरियाणा पुलिस ने इस सुविधा की शुरुआत की है, जिससे लोग अपने बैंक में इसकी उपलब्धता की जांच कर सकते हैं।
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डुअल ओटीपी सिस्टम बुजुर्गों और डिजिटल रूप से संवेदनशील लोगों को साइबर फ्रॉड से बचाने में मदद करेगा।
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