कानपुर में फर्जी GST पंजीकरण से 37 करोड़ का ITC घोटाला
Kanpur News: गरीबों के आधार-पैन से बनाईं फर्जी फर्में, बिना खरीद-बिक्री डकार गए 37 करोड़ की ITC; कानपुर में बड़ा फर्जीवाड़ा

Image: News 18 Hindi
कानपुर में फर्जी जीएसटी पंजीकरण और बोगस फर्मों के जरिए 37 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) हड़पने का मामला सामने आया है। राज्य कर विभाग ने कई FIR दर्ज की हैं और SIT मामले की जांच कर रही है।
- 01आरोपियों ने गरीबों के आधार और पैन कार्ड का दुरुपयोग कर फर्जी फर्मों का जीएसटी पंजीकरण कराया।
- 02फर्म 'अतुल ट्रेडर्स' ने फर्जी ई-वे बिल और इनवॉइस जारी कर करोड़ों रुपये की सप्लाई दर्शाई।
- 03जांच में पाया गया कि कई फर्में केवल कागजों पर संचालित हो रही थीं।
- 04स्वरूप नगर थाने में 'पीके इंटरप्राइजेज' के संचालक के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
- 05SIT ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कई आरोपी फरार हैं।
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कानपुर में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है जिसमें आरोपियों ने गरीबों के आधार और पैन कार्ड का दुरुपयोग करते हुए फर्जी जीएसटी पंजीकरण कराए। राज्य कर विभाग की जांच में पता चला कि इन फर्मों ने बिना किसी वास्तविक खरीद-बिक्री के फर्जी ई-वे बिल और इनवॉइस जारी किए, जिससे लगभग 37 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) हड़प लिया गया। 'अतुल ट्रेडर्स' नाम की फर्म विशेष रूप से संदिग्ध है, जिसने सितंबर 2025 में जीएसटी पंजीकरण कराया। जांच में यह भी सामने आया कि कई फर्में केवल कागजों पर संचालित हो रही थीं। स्वरूप नगर थाने में 'पीके इंटरप्राइजेज' के संचालक अनिल कुमार समेत कई अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। SIT को मामले की जांच सौंपी गई है और विभागीय टीम बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है।
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इस फर्जीवाड़े के कारण सरकारी राजस्व में कमी आई है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
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