सीवान: माफिया राज की 40 साल की कहानी
सीवान कैसे बना ‘माफिया लैंड’? शहाबुद्दीन से चंदन सिंह तक 40 साल के माफिया राज की कहानी
Aaj Tak
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बिहार का सीवान जिला पिछले 40 वर्षों से माफिया गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है, जहां अपराध और राजनीति का घातक गठजोड़ बना है। शहाबुद्दीन जैसे माफिया ने यहां आतंक फैलाया, जिसके बाद खान ब्रदर्स और अन्य माफिया भी सक्रिय हुए। यह स्थिति कमजोर कानून व्यवस्था और राजनीतिक संरक्षण के कारण बनी है।
- 01सीवान में माफिया गतिविधियों का इतिहास 1980 के दशक से शुरू हुआ।
- 02शहाबुद्दीन का नाम सीवान के सबसे कुख्यात माफियाओं में शामिल है।
- 03खान ब्रदर्स ने शहाबुद्दीन के बाद सीवान में अपना दबदबा बनाया।
- 04सीवान में गैंगवार ने आम लोगों की जिंदगी को प्रभावित किया।
- 05पुलिस और प्रशासन ने हाल के वर्षों में कई माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की है।
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बिहार का सीवान जिला पिछले 40 वर्षों से माफिया गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है। 1980 के दशक में संगठित अपराध का दौर शुरू हुआ, जिसमें शहाबुद्दीन जैसे कुख्यात माफिया शामिल हुए। शहाबुद्दीन ने न केवल अपराध किया, बल्कि राजनीति में भी अपनी पकड़ बनाई और विधायक तथा सांसद बने। उनके बाद खान ब्रदर्स, बाबर मियां, और लद्दन मियां जैसे माफियाओं ने भी सीवान में आतंक फैलाया। सीवान में अपराध और राजनीति का घातक गठजोड़ बना, जिससे आम लोगों की जिंदगी प्रभावित हुई। पुलिस ने कई माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की है, लेकिन पूरी तरह से अपराध खत्म नहीं हो सका है। सीवान के माफिया लैंड बनने के पीछे कमजोर कानून व्यवस्था, राजनीतिक संरक्षण और सामाजिक असमानता जैसी कई वजहें हैं।
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सीवान के नागरिकों को माफिया राज के कारण सुरक्षा और आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ा है।
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