लखनऊ में विवादित धार्मिक स्थल पर प्रशासन ने लगाई रोक, तनावपूर्ण स्थिति
लखनऊ में विवादित ढांचे में धार्मिक गतिविधियों पर पुलिस ने लगाई रोक, न होगी नमाज और न पूजा

Image: Jagran
लखनऊ के मलिहाबाद के कसमंडी में विवादित ढांचे पर प्रशासन ने धार्मिक गतिविधियों पर रोक लगा दी है। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पीएसी बल तैनात किया है। एक पक्ष इसे मंदिर और दूसरा मकबरा बता रहा है, जिससे तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई है।
- 01कसमंडी में विवादित ढांचे के आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पीएसी तैनात की गई है।
- 02दो पक्षों के बीच विवाद है, एक पक्ष इसे मंदिर और दूसरा मकबरा बता रहा है।
- 03स्थानीय निवासी सूरज पासी का दावा है कि यह स्थल उनके पूर्वजों का शिव मंदिर है।
- 04पुलिस ने किसी भी धार्मिक अनुष्ठान को रोकने का निर्देश दिया है।
- 05पुरातत्व निदेशालय ने कहा है कि स्थल अब तक संरक्षित नहीं है।
Advertisement
In-Article Ad
लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र के कसमंडी में एक विवादित ढांचे पर प्रशासन ने अगले आदेश तक किसी भी प्रकार की धार्मिक गतिविधियों पर रोक लगा दी है। यह निर्णय उस समय लिया गया जब शुक्रवार को सैकड़ों लोग नमाज पढ़ने के लिए पहुंचे थे, जिसके बाद दूसरे पक्ष ने हनुमान चालीसा पढ़ने की मांग की। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने पीएसी बल को तैनात किया है। संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यथास्थिति कायम रखने के निर्देश दिए गए हैं। एक पक्ष का दावा है कि यह स्थल राजा कंस का शिव मंदिर है, जबकि दूसरा पक्ष इसे मकबरा मानता है। स्थानीय निवासी सूरज पासी ने कहा कि यदि उनके पूर्वजों का मंदिर नहीं छोड़ा गया तो वे आंदोलन करेंगे। वहीं, पुरातत्व निदेशालय ने बताया कि यह स्थल अब तक संरक्षित नहीं है और प्रशासन की ओर से पत्र मिलने पर इसकी जांच की जाएगी।
Advertisement
In-Article Ad
इस निर्णय से स्थानीय निवासियों की धार्मिक गतिविधियों पर प्रभाव पड़ेगा और तनाव की स्थिति को नियंत्रित किया जाएगा।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि प्रशासन को धार्मिक गतिविधियों पर रोक लगाने का निर्णय सही है?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




