मेरठ में अवैध कॉलोनियों पर मेडा की कार्रवाई, 80,000 वर्ग मीटर का निर्माण ध्वस्त
मेडा ने 2 और अवैध कॉलोनियों पर चलाया बुलडोजर, 80,000 वर्ग मीटर में निर्माण ढहाया
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मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) ने दो अवैध कॉलोनियों के खिलाफ ध्वस्तीकरण अभियान चलाया, जिसमें 80,000 वर्ग मीटर भूमि पर किए गए निर्माण को ध्वस्त किया गया। यह कार्रवाई अर्पित यादव के नेतृत्व में की गई, जिसमें जेसीबी मशीनों का उपयोग किया गया।
- 01मेडा ने दो अवैध कॉलोनियों के निर्माण को ध्वस्त किया।
- 02कुल 80,000 वर्ग मीटर भूमि पर अवैध निर्माण था।
- 03यह कार्रवाई अर्पित यादव के नेतृत्व में की गई।
- 04ध्वस्त की गई कॉलोनियों में सड़कें और अन्य विकास कार्य शामिल थे।
- 05अवैध निर्माण गिरेंद्र कुमार और अमित गर्ग द्वारा कराया गया था।
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मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) ने दो अवैध कॉलोनियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। इस कार्रवाई के तहत, 80,000 वर्ग मीटर भूमि पर किए गए अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया। कार्रवाई का नेतृत्व अर्पित यादव ने किया, जिसमें छह जेसीबी मशीनों का उपयोग किया गया। पहली कॉलोनी, जो ग्राम घाट पंचवटी कालेज के पीछे दिल्ली-दून हाइवे पर विकसित की जा रही थी, लगभग 30,000 वर्ग मीटर भूमि पर थी। इसमें सड़कें, भूखंडों की बाउंड्रीवाल, सीवर और नाली जैसी सुविधाएं शामिल थीं। यह कॉलोनी गिरेंद्र कुमार द्वारा विकसित की जा रही थी। दूसरी कॉलोनी, ज्ञान भारती कालेज के पीछे स्थित थी, जिसमें लगभग 50,000 वर्ग मीटर भूमि पर अवैध निर्माण हो रहा था। यह निर्माण अमित गर्ग द्वारा कराया जा रहा था। मेडा की यह कार्रवाई अवैध निर्माण के खिलाफ एक सख्त संदेश है।
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यह कार्रवाई स्थानीय निवासियों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह अवैध निर्माण को रोकती है और भूमि के उचित उपयोग को सुनिश्चित करती है।
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