केदारनाथ धाम यात्रा के लिए लिनचोली क्षेत्र में एवलांच संवेदनशीलता पर सुझाव
लिनचोली क्षेत्र एवलांच को लेकर संवेदनशील, केदारनाथ धाम में वैकल्पिक रूट की सिफारिश
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
उत्तराखंड के केदारनाथ धाम की यात्रा के दौरान लिनचोली क्षेत्र एवलांच के लिए संवेदनशील पाया गया है। वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान की स्टडी में वैकल्पिक रूट बनाने की सिफारिश की गई है, जिससे यात्रा की सुरक्षा बढ़ाई जा सके।
- 01लिनचोली क्षेत्र एवलांच के लिए संवेदनशील है।
- 02वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान ने वैकल्पिक रूट बनाने की सिफारिश की है।
- 032013 से पहले के रास्ते को फिर से खोलने का सुझाव दिया गया है।
- 04डीएम ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए कई उपाय किए हैं।
- 05रिपोर्ट में रोपवे निर्माण का सुझाव भी शामिल है।
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उत्तराखंड में केदारनाथ धाम की यात्रा के दौरान लिनचोली क्षेत्र को एवलांच के लिए संवेदनशील बताया गया है। वाडिया हिमालय भू-विज्ञान संस्थान की एक स्टडी में यह बात सामने आई है कि इस क्षेत्र में एवलांच की घटनाएं बढ़ रही हैं। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि यात्रा की सुरक्षा बढ़ाने के लिए एक वैकल्पिक मार्ग का निर्माण किया जाए। इसके अलावा, 2013 से पहले के रास्ते को फिर से खोलने और एवलांच जोन में संरचनाओं के निर्माण पर ध्यान देने की आवश्यकता है। रुद्रप्रयाग के डीएम विशाल मिश्रा ने बताया कि इस क्षेत्र में सुरक्षा उपाय किए गए हैं, जैसे कि रेलिंग का निर्माण और चेतावनी साइन बोर्ड लगाना। इस स्टडी के तहत रोपवे निर्माण का सुझाव भी दिया गया है, जिसमें टॉवर को एवलांच जोन से 200-300 मीटर दूर रखने का विचार है।
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यात्रियों की सुरक्षा के लिए एवलांच संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए नए मार्ग और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है।
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