हिमाचल प्रदेश में बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दामों का पर्यटन और कृषि पर असर
पेट्रोल-डीजल महंगा: हिमाचल में पर्यटन से लेकर सेब अर्थव्यवस्था तक पड़ेगा असर
Amar Ujala
Image: Amar Ujala
हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि से पर्यटन और कृषि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। टैक्सी और बस ऑपरेटर किराए में वृद्धि कर सकते हैं, जिससे पर्यटन पैकेज महंगे होंगे। कृषि क्षेत्र में, बागवानों को फलों की ढुलाई में अधिक लागत का सामना करना पड़ेगा, जिससे उनकी आमदनी प्रभावित होगी।
- 01डीजल की कीमतों में वृद्धि से टैक्सी और निजी बसों के किराए में बढ़ोतरी होने की संभावना है।
- 02फेडरेशन ऑफ होटल और रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन के चेयरमैन गजेंद्र चंद ठाकुर ने लॉजिस्टिक्स और बिजली बैकअप के खर्च में वृद्धि की बात की।
- 03बागवानी अर्थव्यवस्था पर असर पड़ने से बागवानों को मंडियों तक पहुँचने के लिए अधिक परिवहन खर्च उठाना पड़ सकता है।
- 04संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान ने कहा कि ईंधन महंगा होने से किसान-बागवानों की आमदनी में कमी आएगी।
- 05राजेंद्र ठाकुर ने सरकार से नियमित आपूर्ति और उपलब्धता सुनिश्चित करने की अपील की है।
Advertisement
In-Article Ad
हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि से पर्यटन और कृषि क्षेत्र पर गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका है। अधिकांश पर्यटक निजी वाहनों और टैक्सियों के माध्यम से यात्रा करते हैं, जिससे किराए में वृद्धि होने की संभावना है। फेडरेशन ऑफ होटल और रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन के चेयरमैन गजेंद्र चंद ठाकुर ने बताया कि लॉजिस्टिक्स और बिजली बैकअप के लिए जनरेटर के संचालन में बढ़ते खर्च के कारण कमरे और खान-पान की दरें भी बढ़ सकती हैं।
बागवानी क्षेत्र में, सेब और अन्य फलों की ढुलाई पूरी तरह सड़क नेटवर्क पर निर्भर है। इससे बागवानों को मंडियों तक पहुँचने के लिए अधिक परिवहन खर्च उठाना पड़ सकता है, जो उनकी आमदनी को प्रभावित करेगा। संयुक्त किसान मंच के संयोजक हरीश चौहान ने कहा कि ईंधन महंगा होने से खेती की लागत बढ़ेगी।
राजेंद्र ठाकुर ने सरकार से अपील की है कि पर्यटन सीजन में ईंधन की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि पर्यटन कारोबार प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि हाल ही में रसोई गैस की किल्लत से होटलों की बुकिंग रद्द हुई थी, इसलिए ईंधन की उपलब्धता महत्वपूर्ण है।
Advertisement
In-Article Ad
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि से पर्यटन और कृषि क्षेत्र की लागत बढ़ेगी, जिससे आमदनी में कमी आएगी।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि सरकार को पेट्रोल-डीजल की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाने चाहिए?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




