बगलामुखी जयंती 2026: जानिए माता के 5 प्रमुख धाम
Baglamukhi Jayanti 2026: बगलामुखी माता के 5 पावन धाम, जहां दर्शन से दूर होते हैं सारे दुख और पूरी होती हैं कामनाएं
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बगलामुखी माता की जयंती हर साल वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। इस अवसर पर भारत के विभिन्न पावन धामों का महत्व बढ़ जाता है, जहां भक्त अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए दर्शन करते हैं। यह धाम मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में स्थित हैं।
- 01बगलामुखी माता की जयंती वैशाख मास में मनाई जाती है।
- 02मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में बगलामुखी माता के प्रमुख मंदिर हैं।
- 03भक्त विजय और समृद्धि के लिए इन मंदिरों में आते हैं।
- 04मंदिरों में विशेष पूजा विधियों का पालन किया जाता है।
- 05हर धाम की अपनी धार्मिक मान्यता और महत्व है।
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बगलामुखी माता की जयंती हर साल वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन भक्त माता के पावन धामों में जाकर दर्शन करते हैं, जहां उनकी सभी इच्छाएं पूरी होने की मान्यता है। मध्य प्रदेश के दतिया में स्थित पीतांबरामां बगलामुखी का मंदिर, हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में वनखंडी और कोटला के मंदिर, और मध्य प्रदेश का नलखेड़ा मंदिर प्रमुख हैं। इन मंदिरों में भक्त विशेष रूप से विजय और समृद्धि की कामना लेकर आते हैं। दतिया का मंदिर महाभारत काल का माना जाता है, जबकि नलखेड़ा मंदिर को पांडवों द्वारा बनवाने की मान्यता है। छत्तीसगढ़ में स्थित मां बमलेश्वरी का मंदिर भी भक्तों के लिए महत्वपूर्ण है, जहां चैत्र और आश्विन मास में बड़े मेले का आयोजन होता है। इन सभी पावन धामों में साधना करने से भक्तों की सभी बाधाएं दूर होती हैं।
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इन पावन धामों के दर्शन से भक्तों की इच्छाएं पूरी होती हैं, जिससे उनके जीवन में सुख और समृद्धि आती है।
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