भारत का मिशन दृष्टि उपग्रह: सुरक्षा में एक नई क्रांति
मिशन दृष्टि उपग्रह: अंतरिक्ष में भारत की तीसरी आंख, अब दुश्मन की हर चाल होगी बेअसर
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भारतीय स्टार्टअप गैलेक्सआई द्वारा विकसित मिशन दृष्टि उपग्रह, भारत की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण है। यह उपग्रह रात और खराब मौसम में भी दुश्मन की गतिविधियों की सटीक जानकारी प्रदान करेगा, जिससे भारत को अपने पड़ोसी देशों की सीमाओं पर बेहतर निगरानी करने में मदद मिलेगी।
- 01मिशन दृष्टि उपग्रह भारत का पहला ऑप्टोसर उपग्रह है।
- 02यह उपग्रह रात और खराब मौसम में भी सटीक जानकारी प्रदान करेगा।
- 03गैलेक्सआई ने 2021 में स्थापित होने के बाद इस उपग्रह को लॉन्च किया।
- 04उपग्रह की रडार प्रणाली बादलों और अंधेरे में भी काम करेगी।
- 05भारत अब विदेशी उपग्रहों पर निर्भर नहीं रहेगा।
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भारतीय स्टार्टअप गैलेक्सआई का मिशन दृष्टि उपग्रह, जो बेंगलुरु में विकसित किया गया है, भारत की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण प्रगति मानी जा रही है। यह उपग्रह, जो दुनिया का पहला अपनी तरह का है, दुश्मन की गतिविधियों की सटीक जानकारी रियल टाइम में प्रदान करेगा, चाहे रात का समय हो या मौसम खराब हो। यह उपग्रह डेढ़ मीटर के दायरे में गतिविधियों की पहचान कर सकता है। गैलेक्सआई की स्थापना 2021 में आइआइटी मद्रास के छात्रों द्वारा की गई थी, और इसके संस्थापक सुयश सिंह के अनुसार, यह देश का पहला अंतरिक्ष कार्यक्रम से जुड़ा स्टार्टअप है। पाकिस्तान और चीन जैसी सीमाओं की निगरानी के लिए अब भारत को विदेशी वाणिज्यिक उपग्रहों पर निर्भर रहने की आवश्यकता नहीं होगी। इस उपग्रह की रडार प्रणाली बादलों और अंधेरे में भी काम करने में सक्षम है, जिससे भारतीय सेना को सटीक बम क्षति आकलन करने में मदद मिलेगी।
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यह उपग्रह भारतीय सेना को बेहतर निगरानी और सटीक जानकारी प्रदान करेगा, जिससे सुरक्षा में सुधार होगा।
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