बिहार में मानसून 2026: समय से पहले आएगा, लेकिन वर्षा में कमी की चिंता
Bihar Monsoon 2026: बिहार में समय से पहले आएगा मानसून, मगर पता चल गई एक टेंशन की बात!
Jagran
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बिहार में इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून 8 से 10 जून के बीच आने की संभावना है, जो सामान्य तिथि से चार दिन पहले है। हालांकि, वर्षा में कमी के कारण कृषि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, विशेषकर दक्षिण बिहार के जिलों में।
- 01दक्षिण-पश्चिम मानसून इस बार 8 से 10 जून के बीच आने की संभावना है।
- 02मानसून की वर्षा पिछले वर्षों की तुलना में कम रहने की आशंका है।
- 03जलवायु परिवर्तन और ला नीना के प्रभाव से वर्षा के पैटर्न में बदलाव आया है।
- 04दक्षिण बिहार के कुछ जिलों में सूखे का खतरा बढ़ सकता है।
- 05पिछले कुछ वर्षों में सामान्य से अधिक वर्षा केवल तीन बार हुई है।
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बिहार में इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून 8 से 10 जून के बीच आने की संभावना है, जो सामान्य तिथि से चार दिन पहले है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की वर्षा पिछले वर्षों की तुलना में कम रहने की आशंका है, जिससे कृषि और जल संचयन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। विशेषकर, दक्षिण बिहार के जिलों में सूखे का खतरा बढ़ सकता है। पिछले कुछ वर्षों में मानसून की वर्षा में कमी आई है, और जलवायु परिवर्तन तथा ला नीना का प्रभाव इसके प्रमुख कारण हैं। पिछले मानसून में पूर्वी चंपारण, मधेपुरा, और पूर्णिया जैसे जिलों में 49-54 प्रतिशत तक वर्षा में कमी दर्ज की गई। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में केवल तीन बार सामान्य से अधिक वर्षा हुई है। इस वर्ष मई में औसत वर्षा 111 मिमी रही है, जबकि सामान्य वर्षा का मानक 37.8 मिमी है।
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वर्षा की कमी से कृषि उत्पादन में गिरावट आ सकती है, जिससे किसानों की आय प्रभावित होगी।
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