पश्चिम बंगाल में पीएम विश्वकर्मा योजना का शुभारंभ, 8 लाख कारीगरों को मिलेगा लाभ
बंगाल में शुरू होगी केंद्र सरकार की पहली योजना! 8 लाख लोगों को होगा फायदा, कैसे और कौन उठा सकता है लाभ

Image: News 18 Hindi
केंद्र सरकार की 'पीएम विश्वकर्मा' योजना अब पश्चिम बंगाल में लागू होगी, जिससे लगभग 8 लाख कारीगरों को लाभ होगा। इस योजना का उद्देश्य पारंपरिक कौशल को संरक्षित करना, कारीगरों को आधुनिक उपकरण और वित्तीय सहायता प्रदान करना है। राज्य में पहले से ही 7.79 लाख कारीगर इस योजना के तहत पंजीकृत हैं।
- 01पीएम विश्वकर्मा योजना 17 सितंबर, 2023 को शुरू की गई थी।
- 02पश्चिम बंगाल में योजना के क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तरीय निगरानी समिति का गठन किया गया है।
- 03डॉ. रजनीश ने योजना के तहत पारंपरिक कौशल के संरक्षण और वित्तीय पहुंच पर जोर दिया।
- 04राज्य में अब तक 7.79 लाख कारीगर पंजीकृत हो चुके हैं।
- 05केंद्र सरकार की योजना का उद्देश्य कारीगरों को बेहतर बाजार अवसर उपलब्ध कराना है।
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पश्चिम बंगाल में केंद्र सरकार की 'पीएम विश्वकर्मा' योजना को लागू करने की घोषणा की गई है, जिससे लगभग 8 लाख कारीगरों को लाभ मिलने की उम्मीद है। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्रालय ने इस योजना के क्रियान्वयन के लिए राज्य के मुख्य सचिव मनोज अग्रवाल के साथ बैठक की। बैठक में लाभार्थियों की पहचान और कौशल विकास को मजबूत करने पर चर्चा की गई। 'पीएम विश्वकर्मा' योजना का उद्देश्य पारंपरिक कौशल के संरक्षण के साथ-साथ कारीगरों को आधुनिक उपकरण, औपचारिक वित्तीय पहुंच और बेहतर बाजार अवसर प्रदान करना है। इस योजना के तहत अब तक 7.79 लाख कारीगर पंजीकृत हो चुके हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता है। केंद्र सरकार की इस योजना का लाभ लगभग 7.79 लाख परिवारों तक पहुंचने की संभावना है, जिससे राज्य में कारीगरों की स्थिति में सुधार होगा।
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इस योजना के लागू होने से पश्चिम बंगाल के कारीगरों को आर्थिक सहायता और बेहतर संसाधनों का लाभ मिलेगा, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार होगा।
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