झारखंड में 'स्माल एक्शन टीम' का पुनर्गठन: 124 से घटकर 73 टीमें होंगी
DGP का बड़ा फैसला: अब अपराध नियंत्रण के लिए भी होगा 'स्माल एक्शन टीम' का इस्तेमाल, 124 से घटकर 73 होंगी टीमें
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झारखंड के डीजीपी तदाशा मिश्रा ने माओवाद के खिलाफ विशेष अभियान के लिए 'स्माल एक्शन टीम' (SAT) के पुनर्गठन का आदेश दिया है। टीमों की संख्या 124 से घटाकर 73 की जाएगी, जिससे उन्हें अधिक प्रभावी बनाया जा सके। नई योजना के तहत, टीमें अपराध नियंत्रण और विशेष अभियानों में सक्रिय रहेंगी।
- 01स्माल एक्शन टीमों की संख्या 124 से घटकर 73 की जाएगी।
- 02टीमों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया जाएगा।
- 03पुनर्गठन का मुख्य उद्देश्य टीमों की क्षमता बढ़ाना है।
- 04टीमों का गठन जिला बल, जैप और आइआरबी के समन्वय से होगा।
- 05नक्सल विरोधी अभियानों में तेजी लाने की योजना है।
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झारखंड में माओवाद के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए डीजीपी तदाशा मिश्रा ने 'स्माल एक्शन टीम' (SAT) के पुनर्गठन का निर्णय लिया है। इस पुनर्गठन के तहत टीमों की संख्या 124 से घटाकर 73 की जाएगी। नई योजना में टीमें तीन श्रेणियों में विभाजित की जाएंगी: माओवाद मुक्त 13 जिलों में प्रत्येक में दो टीमें, शेष 11 जिलों में एक-एक टीम, और 36 टीमों का उपयोग विशेष अभियानों और क्राइम टास्क फोर्स के रूप में किया जाएगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि पहले की टीमों की संख्या समय के साथ घट गई थी, जिससे उनकी कार्यक्षमता प्रभावित हुई थी। पुनर्गठन के बाद, इन टीमों को बेहतर प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे नक्सल विरोधी अभियानों में तेजी आएगी और संगठित अपराधों पर नियंत्रण पाया जा सकेगा।
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यह पुनर्गठन नक्सल विरोधी अभियानों को मजबूत करेगा और संगठित अपराधों पर काबू पाने में मदद करेगा।
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