सीबीएसई पुनर्मूल्यांकन के लिए 44,000 छात्रों ने किया आवेदन, तकनीकी समस्याएं बनी चुनौती
CBSE Result Controversy: 44 हजार छात्रों ने खटखटाया बोर्ड का दरवाजा, आखिर क्यों बढ़ रही पुनर्मूल्यांकन की मांग?

Image: Business Standard
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की परीक्षाओं के पुनर्मूल्यांकन के लिए 44,000 छात्रों ने आवेदन किया है। छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं में विसंगतियों और तकनीकी समस्याओं के कारण यह मांग बढ़ रही है। कई छात्रों ने पोर्टल पर लॉगिन में समस्याओं की शिकायत की है।
- 0144,000 छात्रों ने सीबीएसई के पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन किया है।
- 02पिछले साल की तुलना में आवेदन दोगुने हो गए हैं, जो 200,000 थे।
- 03बुधवार को सत्यापन के लिए 4,924 और पुनर्मूल्यांकन के लिए 39,056 आवेदन आए।
- 04छात्रों ने पोर्टल में लॉगिन में समस्याओं की शिकायत की है।
- 05सोशल मीडिया पर छात्रों ने 'सत्यापन विफल' संदेशों की रिपोर्ट की।
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की परीक्षाओं के लिए उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदनों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। बुधवार को लगभग 44,000 छात्रों ने आवेदन किए, जिसमें 4,924 सत्यापन और 39,056 पुनर्मूल्यांकन के लिए थे। यह संख्या पिछले वर्ष के 200,000 आवेदनों की तुलना में दोगुनी है। छात्रों ने अपनी उत्तर पुस्तिकाओं में विसंगतियों और हालिया तकनीकी खामियों के प्रति चिंता व्यक्त की है। हालांकि, कई छात्रों ने पोर्टल पर लॉगिन में समस्याओं की शिकायत की, जिसमें 'सत्यापन विफल' संदेशों की रिपोर्ट की गई। सीबीएसई ने छात्रों से अपील की है कि वे समय सीमा समाप्त होने से पहले इन समस्याओं का समाधान करें। यह स्थिति छात्रों के लिए तनावपूर्ण बनी हुई है, क्योंकि वे अपने परिणामों के प्रति चिंतित हैं।
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छात्रों को उनके परिणामों की चिंता है और तकनीकी समस्याएं उनके लिए तनाव का कारण बन रही हैं।
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