यूपी में स्मार्ट मीटर विवाद: बिजली विभाग पर 7.18 लाख रुपये का जुर्माना
यूपी स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं की शिकायत पर बिजली विभाग को झटका, आयोग ने लगाया 7 लाख 18 हजार रुपये जुर्माना
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने उपभोक्ताओं की शिकायत पर यूपी पावर कॉरपोरेशन को 7 लाख 18 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना स्मार्ट मीटर रिचार्ज के बाद बिजली बहाल न करने के मामले में लगाया गया है।
- 01यूपी विद्युत नियामक आयोग ने यूपी पावर कॉरपोरेशन पर 7 लाख 18 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
- 02यह जुर्माना स्मार्ट मीटर रिचार्ज के बाद बिजली की आपूर्ति में देरी के कारण लगाया गया।
- 03मार्च में स्मार्ट मीटर में बैलेंस निगेटिव होने से 5 लाख घरों की बिजली काटी गई थी।
- 04उपभोक्ता परिषद ने आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी जिसमें रेगुलेशन के उल्लंघन का आरोप लगाया गया।
- 05आयोग ने बिजली विभाग को 15 दिनों के भीतर विस्तृत जवाब देने का आदेश दिया है।
Advertisement
In-Article Ad
उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) ने यूपी पावर कॉरपोरेशन पर 7 लाख 18 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह निर्णय उपभोक्ताओं की शिकायत के आधार पर लिया गया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि स्मार्ट मीटर रिचार्ज करने के दो घंटे के भीतर बिजली की आपूर्ति बहाल नहीं की गई। आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार और सदस्य संजय कुमार सिंह ने इस मामले की सुनवाई की। मार्च में, स्मार्ट मीटर में बैलेंस निगेटिव होने पर लगभग 5 लाख घरों की बिजली काट दी गई थी, जिसके बाद उपभोक्ताओं ने मीटर रिचार्ज कराया, लेकिन कई घरों में बिजली 15 दिनों तक नहीं आई। इस पर उपभोक्ता परिषद ने आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज की थी। आयोग ने पाया कि बिजली विभाग ने स्टैंडर्ड ऑफ परफार्मेंस रेगुलेशन 2019 का उल्लंघन किया है।
Advertisement
In-Article Ad
यह जुर्माना उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो बिजली विभाग की लापरवाही के खिलाफ एक संकेत है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको स्मार्ट मीटर के उपयोग से कोई समस्या हुई है?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।


