उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की चुनावी तैयारियों में असमंजस
यूपी में चुनावी गर्माहट के बीच ठंडे बस्ते में कांग्रेस, प्रदेश से मंडल स्तर तक का संगठन अधर में लटका
Jagran
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उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों के बीच कांग्रेस पार्टी की संगठनात्मक तैयारियां ठप हैं। पार्टी के नेता संगठन सृजन अभियान के तहत जिला और मंडल स्तर पर अध्यक्षों की नियुक्तियों में असमंजस में हैं, जिससे चुनावी गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
- 01कांग्रेस की संगठनात्मक तैयारियां चुनावी गर्माहट के बावजूद ठप हैं।
- 02संगठन सृजन अभियान के तहत जिला और मंडल अध्यक्षों की नियुक्तियां लंबित हैं।
- 03केंद्रीय पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट के आधार पर अध्यक्षों में बदलाव की संभावना है।
- 04प्रदेश कार्यकारिणी का गठन नहीं हो पाया है।
- 05कांग्रेस के नेता असमंजस में हैं, जिससे संगठन की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं।
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उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, और इस बीच कांग्रेस पार्टी की संगठनात्मक तैयारियां ठप हो गई हैं। चुनावी गतिविधियों में तेजी के बावजूद, कांग्रेस के नेता संगठन सृजन अभियान के तहत जिला और मंडल स्तर पर अध्यक्षों की नियुक्तियों में असमंजस में हैं। पार्टी के कई नेता हैरान हैं कि हाईकमान संगठन के लिए ठोस निर्णय क्यों नहीं ले पा रहा है। इस स्थिति के कारण संगठन की गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं। हाल ही में, पार्टी ने जिलाध्यक्षों के साथ बैठक की थी और उन्हें लक्ष्य सौंपे थे, लेकिन कई स्थानों से शिकायतें आई हैं कि कुछ जिलाध्यक्षों की नियुक्तियां सही नहीं हुई हैं। हाईकमान ने संगठन की समीक्षा का आदेश दिया है, लेकिन केंद्रीय पर्यवेक्षकों के जिले अभी तक आवंटित नहीं किए गए हैं। इस स्थिति के कारण नए अध्यक्षों में असमंजस है, जिससे पार्टी की गतिविधियों में कमी आई है।
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कांग्रेस की संगठनात्मक कमजोरी से पार्टी के कार्यकर्ताओं में असमंजस और निष्क्रियता बढ़ गई है, जो आगामी चुनावों में उनकी प्रदर्शन क्षमता को प्रभावित कर सकती है।
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