बिहार में SI प्रभात रंजन की हत्या के मामले में तीन आरोपियों को मिली उम्रकैद
रोकने के बजाय चढ़ाया ट्रैक्टर, अंतिम दम तक लड़े SI प्रभात रंजन! 3 साल बाद मुख्य आरोपियों को मिली सजा

Image: News 18 Hindi
बिहार के जमुई में पुलिस अवर निरीक्षक प्रभात रंजन की हत्या की सुनियोजित साजिश के मामले में तीन मुख्य आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। 14 नवंबर 2023 को अवैध बालू खनन रोकने के दौरान आरोपियों ने ट्रैक्टर से रंजन को कुचल दिया था।
- 0114 नवंबर 2023 को जमुई के गरही थाना क्षेत्र में SI प्रभात रंजन की हत्या हुई थी।
- 02आरोपियों ने अवैध बालू खनन रोकने के दौरान रंजन पर ट्रैक्टर चढ़ाया।
- 03मामले में तीन मुख्य आरोपियों को उम्रकैद और अन्य को दो साल की सजा मिली।
- 04जमुई पुलिस ने 77 दिनों के भीतर अदालत में मजबूत चार्जशीट दाखिल की।
- 05इस फैसले को बिहार में संगठित अपराधियों के खिलाफ एक कड़ा संदेश माना गया।
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बिहार के जमुई जिले में 14 नवंबर 2023 को पुलिस अवर निरीक्षक प्रभात रंजन की हत्या एक सुनियोजित साजिश के तहत की गई थी। जब रंजन और उनकी टीम ने अवैध बालू खनन रोकने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने ट्रैक्टर से उन पर हमला कर दिया। इस बर्बर हमले में रंजन की मौत हो गई। अदालत ने तीन मुख्य आरोपियों, कृष्णा दास, मिथिलेश ठाकुर और पवन दास को दोषी ठहराते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा, अन्य आरोपियों को सरकारी कार्य में बाधा डालने के लिए दो-दो वर्ष की सजा दी गई। जमुई पुलिस ने इस मामले में 77 दिनों के भीतर एक ठोस चार्जशीट पेश की, जिससे यह साबित हुआ कि यह एक दुर्घटना नहीं, बल्कि जानबूझकर किया गया हमला था। इस ऐतिहासिक फैसले ने बिहार में माफिया के खिलाफ एक मजबूत संदेश दिया है कि खाकी पर हाथ उठाने वालों को सख्त सजा मिलेगी।
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इस फैसले ने बिहार में संगठित अपराधियों के खिलाफ एक मजबूत संदेश दिया है।
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