19 अप्रैल को अक्षय तृतीया: जानें क्यों है यह दिन सबसे शुभ
19 अप्रैल को बन रहा अबूझ मुहूर्त, क्यों माना जाता है सबसे शुभ दिन?
Aaj Tak
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अक्षय तृतीया, जो 19 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी, को अबूझ मुहूर्त माना जाता है। इस दिन किए गए सभी शुभ कार्यों का फल कभी समाप्त नहीं होता। लोग इस दिन विवाह, नए व्यापार की शुरुआत और दान-पुण्य जैसे कार्य करते हैं, जो सुख-समृद्धि लाते हैं।
- 01अक्षय तृतीया को अबूझ मुहर्त माना जाता है, जिसमें बिना मुहूर्त देखे शुभ कार्य किए जा सकते हैं।
- 02इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
- 03निवेश, विवाह, और नए व्यापार की शुरुआत के लिए यह दिन विशेष फलदायी माना जाता है।
- 04धार्मिक मान्यता के अनुसार, अक्षय तृतीया पर ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति अनुकूल होती है।
- 05इस दिन दान-पुण्य और पूजा-पाठ करने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।
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अक्षय तृतीया, जो 19 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी, को हिंदू धर्म में एक पवित्र पर्व माना जाता है। 'अक्षय' का अर्थ होता है जो कभी समाप्त न हो, और इस दिन किए गए दान, जप, तप और शुभ कार्यों का फल जीवनभर और कई जन्मों तक बढ़ता रहता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। इसे अबूझ मुहर्त के रूप में भी जाना जाता है, जिसका अर्थ है ऐसा शुभ समय जिसमें किसी भी कार्य को करने के लिए अलग से पंचांग या विशेष मुहूर्त देखने की आवश्यकता नहीं होती। इस दिन विवाह, गृह प्रवेश, नया व्यापार शुरू करना और खरीदारी जैसे कार्य विशेष फलदायी माने जाते हैं। इसके अलावा, अक्षय तृतीया के अलावा बसंत पंचमी, विजयादशमी, देवउठनी एकादशी और गुरु पुष्य योग भी अबूझ मुहर्त के रूप में जाने जाते हैं। इन दिनों को इसलिए विशेष माना जाता है क्योंकि इन तिथियों पर नकारात्मक प्रभाव कम और सकारात्मक ऊर्जा अधिक होती है।
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अक्षय तृतीया पर किए गए शुभ कार्यों से लोगों को मानसिक शांति और समृद्धि की प्राप्ति हो सकती है।
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