बुंदेलखंडी छात्र की अनोखी छुट्टी एप्लिकेशन ने जीते दिल
‘स्कूल नहीं आ पाउंगा मास्साब...', छात्र की बुंदेलखंडी लीव एप्लिकेशन पढ़कर लोटपोट हुए टीचर!
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बुंदेलखंड के एक छात्र ने अपनी छुट्टी की एप्लिकेशन में क्षेत्रीय बोली का इस्तेमाल किया, जिससे वह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। छात्र ने अपनी बीमारी का मजेदार अंदाज में जिक्र किया और कहा कि उसके स्कूल न आने से कोई स्कूल बंद नहीं होगा।
- 01छात्र ने छुट्टी के लिए आवेदन में क्षेत्रीय बोली का इस्तेमाल किया।
- 02उसने अपनी बीमारी का मजेदार तरीके से जिक्र किया।
- 03इस एप्लिकेशन ने सोशल मीडिया पर धूम मचाई।
- 04लोगों ने छात्र की ईमानदारी और सादगी की तारीफ की।
- 05कई यूजर्स ने इस तरह की भाषा को गर्व की बात बताया।
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बुंदेलखंड क्षेत्र के एक छात्र ने छुट्टी के लिए आवेदन पत्र में अपनी क्षेत्रीय बोली का अनोखा इस्तेमाल किया, जिससे वह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। छात्र 'कलुआ' ने अपनी बीमारी का जिक्र करते हुए लिखा कि उसे पिछले दो दिनों से बुखार है और नाक बह रही है, इसलिए वह स्कूल नहीं आ पाएगा। उसने अपने गुरुजी से विनम्रता से छुट्टी की मांग की। सबसे मजेदार बात यह थी कि उसने लिखा कि उसके स्कूल न आने से कोई स्कूल बंद नहीं होगा, जो पढ़कर लोग हंस पड़े। इस सादगी और मासूमियत ने लोगों का दिल जीत लिया, और इस एप्लिकेशन को हजारों लाइक्स और कमेंट्स मिले। कई यूजर्स ने इसे दिल से लिखा हुआ बताया और क्षेत्रीय भाषा के प्रचार-प्रसार पर खुशी जताई।
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इस घटना ने क्षेत्रीय भाषाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाई है और छात्रों को अपनी बोली में अभिव्यक्त होने के लिए प्रेरित किया है।
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