JoSAA काउंसलिंग 2026: कम रैंक पर भी टॉप NIT कैसे पाएं?
JoSAA Counselling 2026: कम रैंक पर भी कैसे पाएं Top NIT? बस समझ लें ये 50% वाला फॉर्मूला
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JoSAA काउंसलिंग के दौरान छात्रों को कम रैंक पर भी टॉप NITs में प्रवेश पाने के लिए 'होम स्टेट' और 'अन्य राज्य' कोटा का ध्यान रखना चाहिए। 50% सीटें होम स्टेट के छात्रों के लिए रिजर्व होती हैं, जिससे कटऑफ में बड़ा अंतर आ सकता है।
- 01JoSAA काउंसलिंग में होम स्टेट और अन्य राज्य कोटा महत्वपूर्ण हैं।
- 0250% सीटें होम स्टेट के छात्रों के लिए आरक्षित हैं।
- 03कटऑफ में बड़ा अंतर हो सकता है, खासकर टॉप NITs में।
- 04होम स्टेट का निर्धारण 12वीं परीक्षा के स्थान से होता है।
- 05IITs में कोई होम स्टेट कोटा नहीं होता।
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JoSAA काउंसलिंग 2026 में छात्रों को टॉप NITs में प्रवेश पाने के लिए 'होम स्टेट' और 'अन्य राज्य' कोटा का ध्यान रखना आवश्यक है। सभी NITs में सीटों का बंटवारा दो हिस्सों में होता है: होम स्टेट कोटा (50%) और अन्य राज्य कोटा (50%)। उदाहरण के लिए, यदि किसी छात्र ने 12वीं की परीक्षा तमिलनाडु से दी है, तो वह NIT Trichy के लिए होम स्टेट कोटा का लाभ उठाने के योग्य होगा। इस प्रकार, वह कम रैंक पर भी कंप्यूटर साइंस में प्रवेश पा सकता है। होम स्टेट का निर्धारण उस राज्य से होता है जहां छात्र ने 12वीं की परीक्षा पास की है, न कि उसके जन्म स्थान या निवास स्थान से। NITs में होम स्टेट छात्रों को आरक्षण का लाभ मिलता है, जिससे कटऑफ में बड़ा अंतर आ जाता है। हालांकि, IITs में कोई होम स्टेट कोटा नहीं होता और केवल ऑल इंडिया रैंक के आधार पर दाखिला मिलता है।
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छात्रों को अपने होम स्टेट कोटा का सही ज्ञान होना चाहिए ताकि वे टॉप NITs में प्रवेश पा सकें।
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