पंजाब सरकार ने बेअदबी कानून चुनौती पर याचिकाकर्ता की साख पर उठाए सवाल
बेअदबी कानून को दी थी चुनौती: याचिकाकर्ता की विश्वसनीयता पर सवाल, पंजाब सरकार ने HC में बताई बड़ी बात
Amar Ujala
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पंजाब सरकार ने जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) कानून को चुनौती देने वाली याचिका की वैधता पर सवाल उठाए हैं। सरकार का कहना है कि याचिकाकर्ता ने अपने खिलाफ के मामलों को छिपाया है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग हो सकता है।
- 01पंजाब सरकार ने याचिकाकर्ता की साख पर सवाल उठाए हैं।
- 02याचिकाकर्ता ने कानून की संवैधानिकता को चुनौती दी है।
- 03सरकार का कहना है कि याचिकाकर्ता ने महत्वपूर्ण तथ्य छिपाए हैं।
- 04कोर्ट ने याचिका की सुनवाई योग्य होने पर विचार किया।
- 05याचिकाकर्ता ने कानून की राष्ट्रपति की मंजूरी की आवश्यकता का तर्क दिया।
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पंजाब सरकार ने जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) कानून को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की साख पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सरकार ने कहा कि याचिकाकर्ता ने अपने खिलाफ की पूर्व एफआईआर, बार काउंसिल से जुड़े विवाद और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया है। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि 2008 के मूल अधिनियम में संशोधन से सजा अत्यधिक कठोर हो गई है, जबकि पहले से ही संबंधित अपराधों के लिए प्रावधान मौजूद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि चूंकि आपराधिक कानून संविधान की समवर्ती सूची का विषय है, इसलिए राष्ट्रपति की मंजूरी आवश्यक थी। अदालत ने संकेत दिया कि पहले यह तय किया जाएगा कि याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं।
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यदि याचिका खारिज होती है, तो यह पंजाब में धार्मिक भावनाओं से जुड़े अपराधों के लिए कानून की स्थिति को प्रभावित कर सकती है।
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