मेरठ में आवारा कुत्तों के हमलों से 150 लोग अस्पताल पहुंचे
कुत्ते के हमले में लहूलुहान 150 लोग पहुंचे अस्पताल, मेरठ में परेशान हो गए लोग
Jagran
Image: Jagran
मेरठ, उत्तर प्रदेश में आवारा कुत्तों के हमलों के कारण 150 से अधिक लोग अस्पताल पहुंचे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने आक्रामक कुत्तों को मारने के आदेश दिए हैं, लेकिन नगर निगम का बर्थ कंट्रोल प्रोग्राम धीमी गति से चल रहा है। शहर में आवारा कुत्तों की संख्या एक लाख के पार पहुंच चुकी है।
- 01सुप्रीम कोर्ट ने आक्रामक कुत्तों को मारने का आदेश दिया है ताकि मानव जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
- 02पीएल शर्मा जिला अस्पताल में हर दिन 150 से अधिक कुत्तों के काटने के मामले सामने आ रहे हैं।
- 03कमेला रोड पर नया एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर प्रतिदिन 100 कुत्तों के ऑपरेशन की क्षमता रखता है, लेकिन औसतन 33 कुत्तों का ही बंध्याकरण हो रहा है।
- 04पुराना एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर बंद है और नया सेंटर 25 मई से शुरू होगा।
- 05सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करने के लिए दो सेंटरों पर 130 कुत्तों का बंध्याकरण सुनिश्चित करने का लक्ष्य है।
Advertisement
In-Article Ad
मेरठ, उत्तर प्रदेश में आवारा कुत्तों के हमलों से लोग परेशान हैं, जिससे पीएल शर्मा जिला अस्पताल में हर दिन 150 से अधिक लोग कुत्तों के काटने के जख्मों के साथ पहुंच रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने आक्रामक कुत्तों को मारने का आदेश दिया है ताकि मानव जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। हालांकि, नगर निगम का एनिमल बर्थ कंट्रोल प्रोग्राम धीमी गति से चल रहा है। शहर में आवारा कुत्तों की संख्या एक लाख के पार पहुंच चुकी है। कमेला रोड पर नया एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर शुरू हुआ है, जो प्रतिदिन 100 कुत्तों के ऑपरेशन की क्षमता रखता है, लेकिन यहां औसतन 33 कुत्तों का ही बंध्याकरण हो रहा है। पुराना एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर बंद है, और नया सेंटर 25 मई से शुरू होगा। इस नए सेंटर के सक्रिय होने से कुत्तों के बंध्याकरण की दर दोगुनी होने की उम्मीद है।
Advertisement
In-Article Ad
आवारा कुत्तों के हमलों से नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान के लिए अधिक कदम उठाने की आवश्यकता है?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




