उत्तर प्रदेश रोडवेज में फर्जी टिकटिंग का मामला, चालक और परिचालक की संविदा समाप्त
रोडवेज बसों में फर्जीवाड़ा: बिना टिकट यात्रियों को ले जाना पड़ा भारी, चालक और परिचालक की संविदा समाप्त
Amar Ujala
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उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की एक बस में बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों से किराया वसूलने पर चालक और परिचालक की संविदा समाप्त कर दी गई। 16 अप्रैल को जांच के दौरान दो यात्री बिना टिकट मिले, जिन्हें 1182 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
- 01बस संख्या यूपी 80 केटी 4580 में फर्जी टिकटिंग का मामला सामने आया।
- 02यात्रियों ने किराया लिया लेकिन टिकट नहीं दिया गया।
- 03जांच के दौरान परिचालक बस में मौजूद नहीं था।
- 04चालक और परिचालक की संविदा समाप्त कर दी गई।
- 051182 रुपये का जुर्माना यात्रियों पर लगाया गया।
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उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बस संख्या यूपी 80 केटी 4580 में 15 अप्रैल को बेबर-फर्रुखाबाद मार्ग पर बिना टिकट यात्रा करने के मामले में कार्रवाई की गई। 16 अप्रैल को इटावा क्षेत्र के प्रवर्तन दल ने बस की जांच की, जिसमें दो यात्री बिना टिकट मिले। यात्रियों ने बताया कि चालक ने उनसे 80-80 रुपये किराया लिया, लेकिन टिकट नहीं दिया। जांच के समय परिचालक बस में मौजूद नहीं था। क्षेत्रीय प्रबंधक बीपी अग्रवाल ने बताया कि रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर चालक शिवकांत सिंह और परिचालक मोहित कुमार की संविदा समाप्त कर दी गई है। इस मामले में यात्रियों पर 1182 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
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इस कार्रवाई से यात्रियों को टिकट खरीदने के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और फर्जीवाड़े की घटनाओं में कमी आएगी।
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