दिल्ली की कच्ची कॉलोनियों में पक्के दस्तावेज प्राप्त करने की प्रक्रिया में चुनौतियाँ
दिल्ली की कच्ची कॉलोनियों में पक्के दस्तावेज की राह मुश्किल, स्वगम पोर्टल पर भी प्रक्रिया जटिल
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दिल्ली की 1511 कच्ची कॉलोनियों में पीएम उदय योजना के तहत पक्के दस्तावेज प्राप्त करने के लिए स्वगम पोर्टल की शुरुआत की गई है। हालांकि, पहले दो दिनों में 419 आवेदनों में से 153 रद्द हो गए हैं, जिससे प्रक्रिया की जटिलता उजागर होती है।
- 011511 कच्ची कॉलोनियों में पीएम उदय योजना के तहत स्वगम पोर्टल शुरू किया गया है।
- 02419 में से 153 आवेदन पहले ही रद्द हो चुके हैं।
- 03एमसीडी ने जागरूकता अभियान और शिविर लगाने का निर्णय लिया है।
- 04नागरिकों को पक्के दस्तावेज के लिए कई आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे।
- 05अधिकारियों ने नए नियमों के तहत जुर्माने की जानकारी दी है।
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दिल्ली की 1511 कच्ची कॉलोनियों में पीएम उदय योजना के तहत पक्के दस्तावेज देने के लिए स्वगम पोर्टल की शुरुआत की गई है। पहले दो दिनों में 419 आवेदनों में से 153 आवेदन रद्द हो गए हैं, जबकि 80 को मंजूरी मिली है और 186 आवेदन अभी लंबित हैं। इस स्थिति को देखते हुए, नगर निगम (एमसीडी) ने जागरूकता अभियान चलाने और लोगों की मदद के लिए शिविर लगाने का निर्णय लिया है। एमसीडी के अभियांत्रिक विभाग ने सभी जोन उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वे कॉलोनियों में जाकर नागरिकों को जागरूक करें। इसके अलावा, एमसीडी ने 711 पैनलबद्ध वास्तुकारों को शामिल किया है, जो अनधिकृत कॉलोनियों में पक्के दस्तावेज बनवाने में नागरिकों की मदद करेंगे। अधिकारियों के अनुसार, नागरिकों को आवेदन के लिए आधार, पैन, मतदाता पहचान पत्र, और संपत्ति की तस्वीरें जैसे दस्तावेज जमा करने होंगे। साथ ही, भवन की स्थिरता के लिए इंजीनियर से रिपोर्ट भी आवश्यक होगी।
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यह प्रक्रिया नागरिकों के लिए पक्के दस्तावेज प्राप्त करना कठिन बना रही है, जिससे उनके संपत्ति के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।
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