दृष्टिबाधित आयुषी डबास की UPSC सफलता की प्रेरणादायक कहानी
Success Story: आंखों की रोशनी नहीं, टीचर ने हौसले से जीती UPSC; 5वीं कोशिश में सफलता, कौन है IAS आयुषी डबास
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आयुषी डबास, एक दृष्टिबाधित महिला, ने अपनी 5वीं कोशिश में UPSC सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल की। दिल्ली में उप-विभागीय मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात, उनकी कहानी आत्मविश्वास और संघर्ष की मिसाल है, जो लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी है।
- 01आयुषी डबास ने 5वीं बार में UPSC परीक्षा पास की।
- 02उनकी कहानी आत्मविश्वास और संघर्ष का प्रतीक है।
- 03आयुषी को दृष्टि संबंधी समस्याओं के बावजूद सफलता मिली।
- 04वर्तमान में वे दिल्ली में उप-विभागीय मजिस्ट्रेट के रूप में कार्यरत हैं।
- 05उनकी सफलता ने लाखों युवाओं को प्रेरित किया है।
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आयुषी डबास, जो जन्म से दृष्टिबाधित हैं, ने अपनी 5वीं कोशिश में UPSC सिविल सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त की। आयुषी ने सरकारी स्कूल में इतिहास की टीचर के रूप में करियर की शुरुआत की और लगातार मेहनत करते हुए UPSC की तैयारी की। उन्होंने तकनीकी सहारे और विशेष अध्ययन विधियों का उपयोग किया। पहले चार प्रयासों में असफल होने के बावजूद, उन्होंने हार नहीं मानी और 2021 में 48वीं रैंक हासिल की। आज वे दिल्ली के वसंत विहार में उप-विभागीय मजिस्ट्रेट के रूप में कार्यरत हैं। उनकी सफलता की कहानी उन सभी के लिए एक प्रेरणा है जो कठिनाइयों का सामना कर अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं।
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आयुषी डबास की सफलता ने दृष्टिबाधित व्यक्तियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनकर उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया है।
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