यूपी में स्मार्ट बिजली मीटर पर आयोग ने पावर कारपोरेशन को 24 घंटे में जवाब देने का आदेश दिया
यूपी में स्मार्ट बिजली मीटर पर घमासान, पावर कारपोरेशन की लापरवाही पर आयोग सख्त; 24 घंटे में जवाब तलब
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उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर के मुद्दे पर विद्युत नियामक आयोग ने पावर कारपोरेशन प्रबंधन को 24 घंटे में जवाब देने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख के बावजूद, प्रबंधन ने पहले निर्धारित समय सीमा में जवाब नहीं दिया, जिससे दंडात्मक कार्रवाई की संभावना बढ़ गई है।
- 01पावर कारपोरेशन ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर की व्यवस्था समाप्त की।
- 02आयोग ने 24 घंटे में जवाब नहीं देने पर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी।
- 03उपभोक्ता परिषद ने मीटर की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की।
- 04पावर कारपोरेशन ने निर्धारित समय में जवाब नहीं दिया।
- 05आयोग ने पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष को जवाब देने का निर्देश दिया।
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उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर के मुद्दे पर विद्युत नियामक आयोग ने पावर कारपोरेशन प्रबंधन को 24 घंटे में जवाब देने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े रुख के बाद पावर कारपोरेशन ने सोमवार को प्रीपेड मीटर की व्यवस्था समाप्त कर दी थी, लेकिन प्रबंधन ने विद्युत नियामक आयोग को 10 दिन की तय अवधि में जवाब नहीं दिया। आयोग ने अब 20 दिन बीतने के बाद गंभीरता से लेते हुए प्रबंधन से जवाब मांगा है। उपभोक्ता परिषद ने मीटर की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की है और कहा है कि पावर कारपोरेशन विद्युत अधिनियम 2003 का उल्लंघन कर रहा है। परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने आयोग से दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।
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यदि पावर कारपोरेशन दंडात्मक कार्रवाई का सामना करता है, तो यह बिजली उपभोक्ताओं के लिए बेहतर सेवा सुनिश्चित कर सकता है।
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