OPEC+ ने तेल कोटा बढ़ाने का किया फैसला, भारत पर पड़ेगा असर
OPEC+ Oil Quota Hike: रूस समेत 22 देशों ने ले लिया बड़ा फैसला, भारत पर सीधा होगा असर
Image: Nbt Navbharattimes
OPEC+ मंत्रियों ने जुलाई के लिए तेल कोटा 1,88,000 बैरल प्रति दिन बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस कदम से भारत को महंगे ईंधन से राहत नहीं मिलेगी, जिससे देश का तेल आयात बिल और चालू खाता घाटा बढ़ेगा।
- 01OPEC+ ने जुलाई के लिए तेल कोटा 1,88,000 बैरल प्रति दिन बढ़ाने का निर्णय लिया।
- 02भारत की 85% तेल जरूरतें आयात से पूरी होती हैं, जिससे महंगाई का खतरा बना रहेगा।
- 03विशेषज्ञों का कहना है कि कीमतों पर इस वृद्धि का कोई खास असर नहीं पड़ेगा।
- 04OPEC+ के प्रमुख देशों में सऊदी अरब, रूस, इराक, कुवैत, कजाकिस्तान, अल्जीरिया और ओमान शामिल हैं।
- 05Rystad Energy के एनालिस्ट ने कहा कि असली सप्लाई बढ़ाने के बजाय यह एक पॉलिसी सिग्नल है।
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OPEC+ मंत्रियों ने वियना में एक वीडियो मीटिंग के दौरान जुलाई के लिए तेल कोटा को 1,88,000 बैरल प्रति दिन बढ़ाने का निर्णय लिया। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम का कीमतों पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा, खासकर मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध के कारण पहले से ही कीमतें बढ़ चुकी हैं। भारत के लिए, इस वृद्धि का मतलब है कि महंगे ईंधन से कोई राहत नहीं मिलेगी, जिससे देश का तेल आयात बिल और चालू खाता घाटा (CAD) ऊंचा बना रहेगा। भारत अपनी तेल जरूरत का लगभग 85% आयात करता है, जिससे घरेलू बाजार में महंगाई का खतरा बना रहेगा। Rystad Energy के एनालिस्ट जॉर्ज लियोन ने कहा कि जब तक होर्मुज स्ट्रेट बंद है, तब तक इस वृद्धि का कोई खास मतलब नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि बाजार में कोटे की घोषणाओं की कमी नहीं है, असली कमी उन बैरल की है जिन्हें भेजा जा सके।
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भारत में महंगे ईंधन के कारण घरेलू महंगाई बनी रहेगी।
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