रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ऑल टाइम लो पर, जानें इसके पीछे के कारण
Dollar Domination: रुपया ऑल टाइम लो पर, इंडोनेशिया और फिलीपींस भी चित, क्यों मजबूत हो रहा डॉलर? देख लीजिए आंकड़े
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
भारतीय रुपया आज अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपने ऐतिहासिक निचले स्तर 95.43 पर पहुंच गया। खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष और कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण यह गिरावट आई है। अन्य एशियाई मुद्राएं, जैसे इंडोनेशियाई रुपया और फिलीपींस का पेसो भी प्रभावित हुए हैं।
- 01भारतीय रुपया 95.43 पर पहुंचा, जो कि उसका ऑल टाइम लो है।
- 02खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष ने बाजार की अस्थिरता बढ़ाई है।
- 03डॉलर का डिपॉजिट विदेशी बैंकों में 14.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है।
- 04ब्रेंट तेल की कीमत 113 डॉलर के आसपास बनी हुई है।
- 05अन्य एशियाई मुद्राएं भी डॉलर के मुकाबले गिर रही हैं।
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भारतीय रुपया आज अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.43 पर पहुंच गया, जो कि उसका ऑल टाइम लो है। यह गिरावट खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी और ईरानी सेनाओं के बीच संघर्ष के कारण हुई है, जिससे बाजार की भावनाएं अस्थिर हो गई हैं। इसके साथ ही, इंडोनेशिया का रुपया और फिलीपींस का पेसो भी गिरावट का सामना कर रहे हैं। इन देशों की अर्थव्यवस्थाएं भी कच्चे तेल के बड़े आयात पर निर्भर हैं। डॉलर का दबदबा लगातार बढ़ रहा है, और आज विदेशी बैंकों में डॉलर का डिपॉजिट 14.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है, जो पिछले 25 वर्षों में 220 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। निवेशकों की चिंता के कारण सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर पूंजी का पलायन हो रहा है, जिसमें अमेरिकी डॉलर सबसे अधिक लाभ उठा रहा है।
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रुपये की गिरावट से भारत में आयात महंगा होगा, जिससे उपभोक्ताओं को महंगाई का सामना करना पड़ सकता है।
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