बरेली कॉलेज ने ग्रीष्मावकाश में बाहरी कॉलेजों के एग्जाम कराने से किया इन्कार
Bareilly News: ग्रीष्मावकाश में दूसरे कॉलेजों के एग्जाम कराने से बरेली कॉलेज ने किया इन्कार, जानें पूरा मामला

Image: Jagran Josh
बरेली कॉलेज, जो रुहेलखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध है, ने जून में ग्रीष्मावकाश के दौरान किसी भी बाहरी कॉलेज के एग्जाम कराने से मना कर दिया है। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि टीचर्स और स्टाफ की कमी, थकान, और कैंपस में मेंटेनेंस कार्य इसके पीछे मुख्य कारण हैं।
- 01बरेली कॉलेज के प्राचार्य प्रो. ओमप्रकाश राय ने एग्जाम नियंत्रक को पत्र लिखकर इन्कार किया है।
- 02कॉलेज में 15,000 से अधिक छात्र अध्ययनरत हैं, और हर साल 3,000-4,000 छात्र एग्जाम देते हैं।
- 03बाहरी कॉलेजों के एग्जाम के लिए कॉलेज को केंद्र बनाया गया था, लेकिन अब नए केंद्रों की तलाश करनी होगी।
- 04टीचर्स की लगातार ड्यूटी के कारण कॉलेज के स्टाफ की थकान एक महत्वपूर्ण कारण है।
- 05कॉलेज परिसर में जून में मरम्मत कार्य भी प्रस्तावित है, जिससे एग्जाम आयोजित करना मुश्किल होगा।
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बरेली कॉलेज (BCE), जो रुहेलखंड विश्वविद्यालय (MJPRU) से संबद्ध है, ने जून के ग्रीष्मावकाश में किसी भी बाहरी कॉलेज के एग्जाम कराने से मना कर दिया है। कॉलेज के प्राचार्य प्रो. ओमप्रकाश राय ने एग्जाम नियंत्रक को लिखे पत्र में स्पष्ट किया कि कॉलेज में 16 अप्रैल से चल रहे विश्वविद्यालय के फाइनल एग्जाम जून के तीसरे हफ्ते तक चलने की संभावना है। इसके अलावा, 22 मई से विधि सम सेमेस्टर के एग्जाम भी शुरू होने जा रहे हैं। बरेली कॉलेज में कुल 15,000 से अधिक छात्र अध्ययनरत हैं, और हर साल 3,000 से 4,000 छात्र एग्जाम देते हैं। कॉलेज प्रशासन ने बताया कि ग्रीष्मावकाश के दौरान टीचर्स और नॉन-टीचिंग स्टाफ की कमी, उनकी थकान, और कॉलेज परिसर में मरम्मत कार्य के कारण बाहरी कॉलेजों के एग्जाम का आयोजन संभव नहीं है। इस निर्णय के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने नए एग्जाम सेंटर की व्यवस्था करने की चुनौती है।
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बरेली कॉलेज के इस निर्णय से छात्रों को अब नए एग्जाम सेंटर के बारे में असमंजस का सामना करना पड़ेगा।
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