प्रधानमंत्रियों की अपील: संकट के समय 'त्याग' की आवश्यकता
नेहरू के 'अन्न' से लेकर मोदी के 'स्वर्ण' तक... जब-जब देश पर आया संकट, प्रधानमंत्रियों ने जनता से की 'त्याग' की अपील
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भारत में मिडिल ईस्ट संकट के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से एक साल तक सोना न खरीदने और पेट्रोल-डीजल का कम उपयोग करने की अपील की है। यह पहली बार नहीं है जब किसी प्रधानमंत्री ने संकट के समय त्याग की अपील की है, इससे पहले भी कई प्रधानमंत्रियों ने ऐसे कदम उठाए हैं।
- 01प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2026 में सोना न खरीदने की अपील की।
- 02नेहरू ने 1951 में एक वक्त का भोजन छोड़ने की अपील की थी।
- 031962 में नेहरू ने नागरिकों से सोना दान करने का आह्वान किया।
- 041965 में शास्त्री ने उपवास रखने की अपील की थी।
- 051971 में इंदिरा गांधी ने राष्ट्रीय अनुशासन की आवश्यकता की बात कही।
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मिडिल ईस्ट में संकट के चलते, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील की है कि वे एक साल तक सोना न खरीदें और पेट्रोल-डीजल का कम उपयोग करें। यह अपील 10 मई 2026 को तेलंगाना में एक कार्यक्रम के दौरान की गई। इससे पहले, भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने 1951 में संकट के समय एक वक्त का भोजन छोड़ने की अपील की थी। 1962 में, उन्होंने नागरिकों से नेशनल डिफेंस फंड में सोना दान करने का आह्वान किया। 1965 में, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने उपवास रखने की अपील की थी, जबकि इंदिरा गांधी ने 1971 में युद्ध के समय राष्ट्रीय अनुशासन की आवश्यकता की बात की। इन सभी अपीलों का उद्देश्य संकट के समय में नागरिकों के सहयोग को बढ़ावा देना था।
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इस अपील से नागरिकों को अपने खर्चों पर ध्यान देने और संकट के समय सहयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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