मेरठ में महंगे ईंधन और घटते कारोबार से उद्योगों की स्थिति गंभीर
Meerut: महंगे ईंधन ने बढ़ाई उद्योगों की मुश्किलें, हर माह 200 करोड़ का अतिरिक्त बोझ, सराफा कारोबार भी सुस्त
Amar Ujala
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मेरठ, उत्तर प्रदेश में महंगे डीजल और बढ़ती कीमतों के कारण उद्योगों को हर महीने 200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है। खेल सामग्री, जिम उपकरण और सराफा कारोबार पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ा है, जिससे हजारों परिवारों की रोजी-रोटी संकट में है।
- 01अनिल पुंडीर (ध्यानचंद नगर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष) ने कहा कि महंगे डीजल से कच्चे माल की ढुलाई प्रभावित हुई है।
- 02सराफा बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में वृद्धि से ग्राहकों की संख्या में कमी आई है।
- 03पश्चिम बंगाल चुनाव में 12,000 कारीगरों के न लौटने से कारोबार प्रभावित हुआ है।
- 04बुलियन ट्रेडर्स एसोसिएशन के अनुसार, मंदी के कारण प्रतिदिन 50 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हो रहा है।
- 05सराफा बाजार में रोजगार का संकट, जिससे शहर के दो लाख लोग प्रभावित हो रहे हैं।
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मेरठ, उत्तर प्रदेश में महंगे डीजल की कीमतों ने उद्योगों को गंभीर संकट में डाल दिया है। ध्यानचंद नगर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल पुंडीर के अनुसार, डीजल आधारित परिवहन महंगा होने से कच्चे माल की ढुलाई और तैयार माल की सप्लाई प्रभावित हो रही है। प्रमुख उद्योगों जैसे खेल सामग्री, जिम उपकरण और ट्रांसफार्मर के उत्पादन की लागत में वृद्धि हो रही है। राजीव अग्रवाल (आईआईए के वाइस चेयरमैन) ने कहा कि ईंधन की महंगाई ने बाजार में नई चुनौतियाँ खड़ी कर दी हैं। वहीं, सराफा कारोबार भी प्रभावित हुआ है, जहां सोने-चांदी की बढ़ती कीमतों ने ग्राहकों को दूर कर दिया है। इस स्थिति के कारण, प्रतिदिन लगभग 50 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हो रहा है, जिससे हजारों परिवारों की रोजी-रोटी संकट में है। यदि स्थिति में सुधार नहीं होता है, तो उत्पादों की कीमतों में वृद्धि निश्चित है।
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उद्योगों में महंगे ईंधन के कारण लागत में वृद्धि हो रही है, जिससे उत्पादन प्रभावित हो रहा है।
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