मध्य प्रदेश के आदिवासी गांव में आज भी अंधेरा, बिजली और मोबाइल चार्जिंग की समस्या
2026 में भी अंधेरे में MP का ये गांव, कभी बल्ब नहीं जला, मोबाइल चार्ज करने 15KM दूर जाते हैं आदिवासी

Image: News 18 Hindi
मध्य प्रदेश के मंडला जिले का जमनाही टोला गांव 2026 में भी बिजली से वंचित है। यहां के आदिवासी परिवारों को मोबाइल चार्ज करने के लिए 10-15 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी वादे अधूरे हैं, और उनके बच्चों का भविष्य अंधेरे में है।
- 01जमनाही टोला गांव में लगभग 100 आदिवासी परिवार बिना बिजली के रह रहे हैं।
- 02गांव में 10 साल पहले बिजली के खंभे लगाए गए थे, लेकिन आज तक बिजली नहीं आई।
- 03मोबाइल चार्ज करने के लिए ग्रामीणों को 10-15 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है।
- 04गांव में पानी और सड़क की भी गंभीर समस्याएं हैं।
- 05जिला पंचायत के सीईओ ने समस्या की जांच का आश्वासन दिया है।
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मध्य प्रदेश के मंडला जिले का जमनाही टोला गांव 2026 में भी बिजली से वंचित है, जिससे लगभग 100 आदिवासी परिवार अंधेरे में जीवन यापन कर रहे हैं। यहां के निवासी, जैसे कमला बाई मरावी और रामू उइके, बताते हैं कि गांव में कभी भी बिजली नहीं आई, और उन्हें मोबाइल चार्ज करने के लिए 10-15 किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित हो रही है, क्योंकि वे चूल्हे के धुएं में पढ़ाई कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि 10 साल पहले बिजली के खंभे लगाए गए थे, लेकिन आज तक उनमें करंट नहीं आया। पानी और सड़क की समस्याएं भी गंभीर हैं, जिससे बारिश के दिनों में गांव का संपर्क टूट जाता है। जिला पंचायत के सीईओ शाश्वत मीणा ने समस्या की जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन ग्रामीणों का सवाल है कि जब सरकार डिजिटल इंडिया की बात करती है, तो उनका गांव विकास की तस्वीर से बाहर क्यों है?
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गांव में बिजली, पानी और सड़क की समस्याएं ग्रामीणों के जीवन को प्रभावित कर रही हैं।
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