जन्मकुण्डली में राजयोग और कष्टयोग: जानें उनके महत्व
जन्मपत्री में राजयोग ज्यादा हैं या कष्टयोग? जानिए क्या है जन्मकुण्डली में बनने वाले शुभ-अशुभ योग
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
ज्योतिष शास्त्र में राजयोग केवल सरकारी लाभ नहीं, बल्कि किसी भी क्षेत्र में सफलता दिलाने वाला योग है। जन्मकुण्डली में विभिन्न शुभ और अशुभ योग बनते हैं, जैसे सुनफा और अनफा योग, जो व्यक्ति के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
- 01राजयोग किसी भी क्षेत्र में सफलता दिला सकता है, न कि केवल सरकारी लाभ में।
- 02योगकारक ग्रहों की युति से कई प्रकार के राजयोग बनते हैं।
- 03सुनफा और अनफा योग विशेष महत्व रखते हैं।
- 04अशुभ योगों में कालसर्प और केमद्रुम योग शामिल हैं।
- 05जन्मकुण्डली का गहन अध्ययन आवश्यक है।
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ज्योतिष शास्त्र में राजयोग को केवल सरकारी लाभ से जोड़ना गलत है। वास्तव में, राजयोग किसी भी व्यक्ति को विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धि दिला सकता है, जो ग्रहों की प्रवृत्ति और बल पर निर्भर करता है। जन्मकुण्डली में बनने वाले शुभ राजयोगों की श्रेणियाँ होती हैं जैसे नीचभंग राजयोग और अतिविशिष्ट राजयोग, जबकि अशुभ योगों में कालसर्प योग और केमद्रुम योग प्रमुख हैं। चन्द्रमा से बनने वाले सुनफा और अनफा योग भी महत्वपूर्ण हैं। सुनफा योग तब बनता है जब चन्द्रमा से दूसरे भाव में सूर्य को छोड़कर कोई अन्य ग्रह हो, जबकि अनफा योग तब बनता है जब चन्द्रमा से बारहवें भाव में सूर्य को छोड़कर कोई अन्य ग्रह हो। इन योगों का व्यक्ति के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है।
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