माउंट आबू के शेरगांव में सुकून और प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव
सुकून का 'नो नेटवर्क' जोन: माउंट आबू के पहाड़ों में छिपा है महाराणा प्रताप की भक्ति का गवाह 'शेरगांव', बिना मोबाइल सिग्नल के भी खिंचे चले आते हैं पर्यटक
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राजस्थान के माउंट आबू में स्थित शेरगांव, जो मोबाइल नेटवर्क से दूर है, प्राकृतिक शांति की तलाश करने वाले पर्यटकों के लिए एक अनूठा गंतव्य बन गया है। यहाँ की दुर्गम भौगोलिक स्थिति और पारंपरिक जीवनशैली इसे ग्रामीण पर्यटन का प्रमुख केंद्र बना रही है।
- 01शेरगांव, माउंट आबू में स्थित है और मोबाइल नेटवर्क से पूरी तरह कट गया है।
- 02यहां पहुंचने के लिए कठिन पहाड़ी पगडंडियों से होकर यात्रा करनी पड़ती है।
- 03गांव में धार्मिक आस्था के केंद्र और ऐतिहासिक महत्व के स्थल हैं।
- 04सर्दियों और मानसून में यात्रा करना सबसे उपयुक्त माना जाता है।
- 05यह स्थान ट्रेकिंग और कैंपिंग के शौकीनों के लिए आदर्श है।
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राजस्थान के माउंट आबू में स्थित शेरगांव, जो समुद्र तल से लगभग 4000 फीट की ऊंचाई पर है, अपनी अनूठी जीवनशैली और प्राकृतिक शांति के लिए जाना जाता है। यह गांव मोबाइल नेटवर्क से पूरी तरह कट गया है, जिससे यह शांति की तलाश करने वाले पर्यटकों के लिए एक आदर्श स्थान बन गया है। यहाँ पहुंचने के लिए पर्यटकों को 12 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी होती है, जो उन्हें प्रकृति के करीब ले जाती है। शेरगांव में धार्मिक आस्था के केंद्र जैसे ईशान भेरू मंदिर और एक प्राचीन शिव मंदिर हैं, जो इसे ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाते हैं। यहाँ की यात्रा के लिए सर्दियों और मानसून का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है, जबकि गर्मियों में पानी की कमी और कड़ी धूप के कारण यात्रा करना कठिन हो सकता है। शेरगांव में केवल 250 लोगों की आबादी है और यहाँ की पारंपरिक कच्ची मकानें इस क्षेत्र की सादगी को दर्शाती हैं।
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शेरगांव की यात्रा से पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य और शांति का अनुभव कर सकते हैं, जो उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है।
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