इनेलो विधायकों ने नारी शक्ति वंदन संशोधन बिल का विरोध किया
विपक्ष की भूमिका में नजर आए इनेलो विधायक, नारी शक्ति वंदन संशोधन बिल का नहीं किया समर्थन
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इनेलो पार्टी के विधायक अर्जुन सिंह चौटाला और आदित्य देवीलाल ने चंडीगढ़ में एक विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन संशोधन बिल का समर्थन नहीं किया। चौटाला ने कहा कि भाजपा महिला आरक्षण बिल की आड़ में परिसीमन बिल पास करवाना चाहती है, जबकि महिला आरक्षण पहले ही बहुमत से पारित हो चुका है।
- 01इनेलो के विधायकों ने नारी शक्ति वंदन संशोधन बिल का विरोध किया।
- 02भाजपा पर महिला आरक्षण बिल की आड़ में परिसीमन बिल पास करवाने का आरोप।
- 03महिला आरक्षण बिल पहले ही सितंबर 2023 में पारित हो चुका है।
- 04विपक्ष ने 131वें संवैधानिक संशोधन को रोकने का दावा किया।
- 05चौटाला ने महिला सशक्तीकरण के लिए शिक्षा पर ध्यान देने की आवश्यकता बताई।
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चंडीगढ़ में आयोजित एक दिवसीय विशेष सत्र में इनेलो पार्टी के विधायक अर्जुन सिंह चौटाला और आदित्य देवीलाल ने नारी शक्ति वंदन संशोधन बिल का समर्थन नहीं किया। चौटाला ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह महिला आरक्षण बिल की आड़ में परिसीमन बिल पास करवाना चाहती है। उन्होंने बताया कि महिला आरक्षण बिल सितंबर 2023 में लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में बहुमत से पास हो चुका है, इसलिए नारी शक्ति वंदन संशोधन बिल की कोई आवश्यकता नहीं थी। इनेलो विधायकों ने उस समय विपक्ष की भूमिका निभाई जब कांग्रेस विधायक सदन में उपस्थित नहीं थे। चौटाला ने यह भी कहा कि अगर भाजपा सच में नारी सशक्तीकरण चाहती है, तो उन्हें महिला शिक्षा पर ध्यान देना होगा और महिला आरक्षण को परिसीमन बिल से अलग करना होगा।
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यह निर्णय महिला सशक्तीकरण और आरक्षण की नीति पर प्रभाव डाल सकता है।
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