शीतकारी प्राणायाम: गर्मी से राहत पाने का प्राकृतिक तरीका
Shitkari Pranayama : भीषण गर्मी और लू का काल है शीतकारी प्राणायाम? फायदे जान रह जाएंगे दंग; जानें सही तरीका
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गर्मी के इस मौसम में शीतकारी प्राणायाम एक प्रभावी तरीका है जो शरीर को ठंडक प्रदान करता है। यह न केवल शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है, बल्कि लू और हीट स्ट्रोक से भी बचाता है। सही तरीके से अभ्यास करने पर इसके कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं।
- 01शीतकारी प्राणायाम का अभ्यास करने से शरीर का तापमान तुरंत गिरता है और गर्मी से राहत मिलती है।
- 02यह प्राणायाम नियमित रूप से करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और लू से बचाव होता है।
- 03गर्मी के कारण होने वाले मानसिक तनाव और चिड़चिड़ेपन को कम करने में मदद करता है।
- 04इसका अभ्यास करने से भूख और प्यास पर नियंत्रण पाया जा सकता है।
- 05लो ब्लड प्रेशर, अस्थमा, और दांतों की समस्याओं वाले लोगों को इसे करने से बचना चाहिए।
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उत्तर भारत में गर्मी के बढ़ते तापमान के बीच, शीतकारी प्राणायाम एक प्राकृतिक उपाय है जो शरीर को ठंडक प्रदान करता है। यह प्राणायाम न केवल शरीर के तापमान को नियंत्रित करता है, बल्कि लू और हीट स्ट्रोक से भी बचाता है। इसके नियमित अभ्यास से मानसिक तनाव, चिड़चिड़ापन और भूख-प्यास पर नियंत्रण पाने में मदद मिलती है। इसे करने का सही तरीका है कि किसी शांत स्थान पर सुखासन या पद्मासन में बैठकर मुंह से 'सी-सी' की आवाज निकालते हुए सांस लें। यह प्राणायाम शरीर को ठंडा करता है, लेकिन लो ब्लड प्रेशर, अस्थमा, और दांतों की संवेदनशीलता वाले लोगों को इसे नहीं करना चाहिए। गर्मियों में शीतकारी प्राणायाम का अभ्यास कर आप अपनी सेहत को बेहतर बना सकते हैं।
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गर्मी के मौसम में शीतकारी प्राणायाम के अभ्यास से लोग अपने स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं और गर्मी से होने वाली समस्याओं से बच सकते हैं।
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