जेईई में टॉप करने वाली आरोही देशपांडे की प्रेरणादायक कहानी
जेईई की गर्ल्स टॉपर की कहानी, तैयारी के लिए जब पूरे परिवार ने शहर ही बदल दिया

Image: The Bbc
आरोही देशपांडे ने जेईई एडवांस्ड में देशभर की लड़कियों में पहला स्थान हासिल किया है। उन्होंने 360 में से 280 अंक प्राप्त किए और कुल रैंकिंग में 77वां स्थान पाया। उनका परिवार कोटा में शिफ्ट हुआ ताकि वह अपनी इंजीनियरिंग की तैयारी कर सकें।
- 01आरोही ने जेईई एडवांस्ड में 360 में से 280 अंक प्राप्त किए और 77वां स्थान हासिल किया।
- 02उन्होंने जेईई मेन्स में 99.996 पर्सेंटाइल स्कोर किया और 12वीं में 97.8% अंक प्राप्त किए।
- 03कोविड-19 के दौरान परिवार ने कोटा में शिफ्ट होने का निर्णय लिया ताकि आरोही की पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित किया जा सके।
- 04आरोही की पढ़ाई का मुख्य ध्यान जेईई पर था, और उन्होंने अपनी पढ़ाई के लिए कई शौक छोड़ दिए।
- 05उनका सपना आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर इंजीनियरिंग करना है, और परिवार का मानना है कि यह सिर्फ शुरुआत है।
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आरोही देशपांडे ने जेईई एडवांस्ड में देशभर की लड़कियों में पहला स्थान हासिल किया है, जिसमें उन्होंने 360 में से 280 अंक प्राप्त किए और कुल रैंकिंग में 77वां स्थान पाया। उनकी यात्रा पुणे के लोकसेवा ई-स्कूल से शुरू हुई, जहाँ उन्होंने इंजीनियरिंग में करियर बनाने का निर्णय लिया। परिवार के कई सदस्यों के इंजीनियर होने के कारण, उन्होंने कोटा में शिफ्ट होने का निर्णय लिया ताकि वह अपनी तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर सकें। कोटा में रहते हुए, उन्होंने अपनी पढ़ाई के लिए कई शौक छोड़ दिए और केवल पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित किया। आरोही ने जेईई मेन्स में 99.996 पर्सेंटाइल स्कोर किया और 12वीं में 97.8% अंक प्राप्त किए। उनका सपना आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर इंजीनियरिंग करना है। परिवार का मानना है कि यह उनकी सफलता की शुरुआत है।
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आरोही की सफलता ने अन्य छात्रों को प्रेरित किया है, विशेषकर लड़कियों को इंजीनियरिंग में करियर बनाने के लिए।
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