खुदरा ट्रेडिंग में अनुशासन की बढ़ती प्रवृत्ति: अपस्टॉक्स के सीईओ रवि कुमार
ज्यादा अनुशासित हो गई है खुदरा ट्रेडिंग : अपस्टॉक्स सीईओ रवि कुमार
Business Standard
Image: Business Standard
अपस्टॉक्स के सह-संस्थापक और सीईओ रवि कुमार ने कहा है कि पश्चिम एशिया में हालिया संघर्ष ने निवेशकों की गतिविधियों में तेजी ला दी है। उन्होंने बताया कि खुदरा निवेशक अब अधिक अनुशासित और जोखिम के प्रति जागरूक हो गए हैं, जिससे ट्रेडिंग व्यवहार में बदलाव आया है।
- 01पश्चिम एशिया के संघर्ष ने निवेशकों की सक्रियता बढ़ाई है।
- 02खुदरा निवेशक अब अधिक समझदार और अनुशासित हो गए हैं।
- 03डेरिवेटिव ट्रेडिंग में कमी आई है, जिससे उद्योग पर दबाव बना है।
- 04अपस्टॉक्स ने विविधीकरण की रणनीति अपनाई है।
- 05कंपनी सूचीबद्ध होने की जल्दी नहीं है, दीर्घकालिक मूल्य पर ध्यान केंद्रित है।
Advertisement
In-Article Ad
अपस्टॉक्स के सीईओ रवि कुमार ने बताया कि पश्चिम एशिया के संघर्ष ने निवेशकों की गतिविधियों में तेजी ला दी है। उन्होंने कहा कि खुदरा निवेशक अब अधिक समझदार और अनुशासित हो गए हैं, जो बाजार की तेजी के आधार पर दांव लगाने के बजाय स्थायी रणनीतियों की ओर बढ़ रहे हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि महामारी के बाद खुदरा निवेश में तेजी आई थी, लेकिन अब वित्त वर्ष 2025-26 में चीजें सामान्य होती दिख रही हैं। डेरिवेटिव ट्रेडिंग में कमी आई है, जिससे उद्योग पर दबाव बना है। अपस्टॉक्स ने अपने कमोडिटीज बिजनेस में 5 गुना वृद्धि और मार्जिन ट्रेडिंग फ़ैसिलिटी (एमटीएफ) में दोगुनी वृद्धि की है। कंपनी का फोकस अब बेहतर गुणवत्ता वाली, रिटेंशन आधारित वृद्धि पर है, और सूचीबद्ध होने की कोई जल्दी नहीं है।
Advertisement
In-Article Ad
खुदरा निवेशकों के लिए यह बदलाव उनके ट्रेडिंग व्यवहार को अधिक अनुशासित और समझदारी से निर्णय लेने की ओर ले जा रहा है।
Advertisement
In-Article Ad
Reader Poll
क्या आपको लगता है कि खुदरा निवेशकों को अधिक अनुशासित रणनीतियों की आवश्यकता है?
Connecting to poll...
मूल लेख पढ़ें
पूरी कहानी के लिए मूल स्रोत पर जाएं।




