Guru Pradosh Vrat 2026: जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व
Guru Pradosh Vrat 2026: अधिक मास के गुरु प्रदोष व्रत पर बन रहा है महायोग, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और नियम
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2026 में गुरु प्रदोष व्रत 28 मई को मनाया जाएगा, जो अधिक मास के दौरान विशेष महत्व रखता है। इस दिन भगवान शिव की पूजा का विशेष समय शाम 07:12 बजे से 09:15 बजे तक है। यह व्रत करियर, संतान सुख और आर्थिक समृद्धि के लिए लाभकारी माना जाता है।
- 01गुरु प्रदोष व्रत 28 मई 2026 को मनाया जाएगा।
- 02प्रदोष काल का शुभ मुहूर्त शाम 07:12 बजे से रात 09:15 बजे तक है।
- 03इस दिन 'वरीयान योग' का संयोग भक्तों की मनोकामनाओं को पूरा करने में सहायक होगा।
- 04धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अधिक मास में किया गया अनुष्ठान सामान्य दिनों की तुलना में अधिक फलदायी होता है।
- 05यह व्रत करियर में सफलता, संतान सुख और आर्थिक तंगी से मुक्ति दिलाने में मदद करता है।
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गुरु प्रदोष व्रत 2026 का आयोजन 28 मई को किया जाएगा, जो अधिक मास के दौरान विशेष महत्व रखता है। पंचांग के अनुसार, यह व्रत ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाएगा, जो सुबह 07:57 बजे से शुरू होगा। इस दिन भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है, और प्रदोष काल में पूजा का शुभ समय शाम 07:12 बजे से रात 09:15 बजे तक रहेगा। इस बार व्रत के दिन 'वरीयान योग' का संयोग भी बन रहा है, जो भक्तों की मनोकामनाओं को पूरा करने में सहायक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अधिक मास में किया गया कोई भी अनुष्ठान सामान्य दिनों की तुलना में अधिक फलदायी होता है। यह व्रत करियर में सफलता, संतान सुख और आर्थिक तंगी से मुक्ति दिलाने में मदद करता है।
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गुरु प्रदोष व्रत का पालन करने से भक्तों को करियर में सफलता और आर्थिक समृद्धि प्राप्त हो सकती है।
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