बीजेपी नेता ने शहाबुद्दीन की तारीफ कर लालू यादव की ताकत को किया उजागर
अचानक शहाबुद्दीन की तारीफ में कसीदे क्यों पढ़ने लगे BJP के ये नेता? बता दी लालू यादव के मजबूत होने की कहानी
Image: Nbt Navbharattimes
बिहार में बीजेपी नेता राजन तिवारी ने शहाबुद्दीन की तारीफ की, जिससे यह बहस छिड़ गई कि कैसे शहाबुद्दीन ने लालू यादव की राजनीतिक ताकत को बढ़ाया। साधु यादव के बयान के बाद शहाबुद्दीन की चर्चा फिर से शुरू हो गई है।
- 01साधु यादव ने शहाबुद्दीन की आलोचना की और यादव समुदाय को बदनाम करने का आरोप लगाया।
- 02राजन तिवारी ने शहाबुद्दीन को एक मजबूत और जनाधार वाला नेता बताया, जो जेल में रहते हुए धार्मिक ग्रंथ पढ़ते थे।
- 03शहाबुद्दीन की मदद से लालू यादव का एमवाई समीकरण बना, जिससे उनकी राजनीतिक ताकत बढ़ी।
- 04शहाबुद्दीन दो बार विधायक और चार बार सांसद रहे, और उन्होंने निर्दलीय चुनाव जीतकर अपनी पहचान बनाई।
- 05बिहार में शहाबुद्दीन की चर्चा एक बार फिर से राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन गई है।
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बिहार में शहाबुद्दीन की चर्चा एक बार फिर से राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन गई है, जब साधु यादव ने उनके बारे में एक पॉडकास्ट में बयान दिया। साधु यादव ने आरोप लगाया कि शहाबुद्दीन ने यादव समुदाय को बदनाम किया। इसके बाद, बीजेपी नेता राजन तिवारी ने शहाबुद्दीन की तारीफ करते हुए कहा कि वे एक मजबूत और जनाधार वाले नेता थे। उन्होंने बताया कि शहाबुद्दीन जेल में रहते हुए धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करते थे। तिवारी ने कहा कि अगर शहाबुद्दीन जीवित होते, तो कोई भी उनके सामने खड़ा नहीं हो सकता था। उन्होंने यह भी बताया कि शहाबुद्दीन की मदद से लालू यादव का एमवाई समीकरण बना, जिससे उनकी राजनीतिक ताकत में वृद्धि हुई। शहाबुद्दीन दो बार विधायक और चार बार सांसद रहे, और उनके दरवाजे पर जाकर लालू यादव ने अपनी पार्टी में उन्हें शामिल किया। इस प्रकार, शहाबुद्दीन का प्रभाव बिहार की राजनीति में फिर से महसूस किया जा रहा है।
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बिहार में शहाबुद्दीन की चर्चा से राजनीतिक विमर्श में हलचल मची है, जो यादव और मुस्लिम समुदायों की राजनीतिक स्थिति को प्रभावित कर सकती है।
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