उत्तर प्रदेश में ड्रेस कोड के खिलाफ धार्मिक संगठनों का विरोध
मजहबी लिबास हिजाब का क्या होगा.. यूपी के यूनिवर्सिटी और कॉलेज में ड्रेस कोड का विरोध शुरू, देवबंद के मौलाना ने उठाए सवाल

Image: News 18 Hindi
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल अनंदीबेन पटेल द्वारा सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में ड्रेस कोड लागू करने के आदेश के खिलाफ विरोध शुरू हो गया है। दारुल उलूम देवबंद के मौलाना सुफियान निजामी ने इस फैसले को धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए कहा है कि हिजाब पहनना मौलिक अधिकार है और इसे प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए।
- 01राज्यपाल अनंदीबेन पटेल ने सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में ड्रेस कोड लागू करने का आदेश दिया है।
- 02मौलाना सुफियान निजामी ने कहा कि ड्रेस कोड लागू करने से पहले धार्मिक मुद्दों पर विचार करना चाहिए।
- 03उन्होंने हिजाब को मौलिक अधिकार बताते हुए इसके साथ छेड़छाड़ को गलत ठहराया।
- 04मौलाना ने कहा कि शिक्षा का माहौल सभी के लिए खुला और समावेशी होना चाहिए।
- 05विपक्षी दलों ने इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर हमला बताया है।
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उत्तर प्रदेश की राज्यपाल अनंदीबेन पटेल ने सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में ड्रेस कोड लागू करने का आदेश जारी किया है, जिसे लेकर विरोध शुरू हो गया है। दारुल उलूम देवबंद के प्रवक्ता मौलाना सुफियान निजामी ने इस आदेश पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि ड्रेस कोड लागू करने से पहले धार्मिक मुद्दों पर विचार करना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से हिजाब का उल्लेख करते हुए कहा कि यह एक मौलिक अधिकार है और इसे प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए। मौलाना ने यह भी कहा कि शिक्षा का माहौल सभी छात्रों के लिए खुला और समावेशी होना चाहिए, न कि किसी एक संस्कृति को थोपने वाला। इस मुद्दे पर छात्र संगठनों और धार्मिक संगठनों में असंतोष बढ़ रहा है, और विपक्षी दलों ने इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर हमला करार दिया है। मौलाना ने चेतावनी दी है कि यदि ड्रेस कोड किसी विशेष संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है, तो इस पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
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इस ड्रेस कोड के लागू होने से छात्रों की धार्मिक पहचान और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर प्रभाव पड़ सकता है।
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