भारत और त्रिनिदाद एवं टोबैगो के बीच रिश्तों को नई मजबूती मिली
जयशंकर के त्रिनिदाद और टोबैगो दौरे से भारत-कैरेबियाई रिश्तों को नई मजबूती, शिक्षा-स्वास्थ्य और ऊर्जा सहयोग पर बड़ा फोकस
Nbt NavbharattimesImage: Nbt Navbharattimes
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर की त्रिनिदाद और टोबैगो यात्रा ने दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत किया है। इस यात्रा में शिक्षा, स्वास्थ्य और ऊर्जा सहयोग पर जोर दिया गया, जिससे भविष्य में नए सहयोग के रास्ते खुलेंगे।
- 01एस. जयशंकर की यात्रा से भारत-त्रिनिदाद और टोबैगो के रिश्तों में मजबूती आई है।
- 02शिक्षा, स्वास्थ्य और ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग पर विशेष ध्यान दिया गया।
- 03भारत और त्रिनिदाद एवं टोबैगो के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध हैं।
- 04विदेश मंत्री ने प्रवासी भारतीयों की जड़ों से जुड़ने में मदद का आश्वासन दिया।
- 05इस यात्रा से कैरेबियाई देशों के साथ भारत की भागीदारी को और बढ़ाने का लक्ष्य है।
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भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर की हालिया यात्रा ने त्रिनिदाद और टोबैगो के साथ भारत के संबंधों को नई मजबूती दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि इस यात्रा में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग पर जोर दिया गया। जयशंकर ने प्रवासी भारतीयों के लिए अभिलेखीय सहयोग समझौते का उल्लेख किया, जिससे वे अपनी पैतृक जड़ों का पता लगा सकेंगे। यह यात्रा भारत के कैरेबियाई देशों के साथ संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध हैं, जो लोगों के आपसी जुड़ाव को बढ़ाते हैं।
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इस यात्रा से त्रिनिदाद और टोबैगो में भारतीय मूल के लोगों को अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर मिलेगा, साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्रों में बेहतर सहयोग होगा।
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