पप्पू यादव का विवादित बयान: महिला आयोग के नोटिस पर कूड़ेदान में फेंकने की बात
"ऊंट बैठ भी जाए तो गधा से ऊंचा होता है"- पप्पू यादव का महिला आयोग पर तंज, नोटिस पर कहा- " कूड़ेदान में फेंक दिए"
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पूर्णियां के सांसद पप्पू यादव ने महिलाओं की राजनीति में स्थिति पर विवादास्पद बयान दिया, जिसके बाद बिहार राज्य महिला आयोग ने उन्हें नोटिस जारी किया। यादव ने नोटिस को खारिज करते हुए इसे कूड़ेदान में फेंकने की बात कही। उनके बयान ने राजनीतिक हलचल पैदा कर दी है।
- 01पप्पू यादव का विवादास्पद बयान महिलाओं की राजनीति में स्थिति पर है।
- 02बिहार राज्य महिला आयोग ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया।
- 03यादव ने नोटिस को खारिज करते हुए इसे कूड़ेदान में फेंकने की बात कही।
- 04उनके बयान को भाजपा सहित कई दलों ने आलोचना की।
- 05यादव ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।
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पूर्णियां के सांसद पप्पू यादव ने महिलाओं के राजनीति में प्रवेश को लेकर विवादास्पद बयान दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि राजनीति में 90 फीसदी महिलाएं नेताओं के संरक्षण के बिना नहीं बढ़ सकतीं। इस बयान पर बिहार राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया, जिसमें तीन दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है। आयोग ने कहा कि यह बयान महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाता है। यादव ने इस नोटिस को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने इसे कूड़ेदान में फेंक दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि वे महिलाओं के सम्मान की लड़ाई लड़ रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि अयोग्य लोगों को भी सुरक्षा दी जा रही है। इस विवाद ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है और अब यह देखना होगा कि इस पर आगे क्या कार्रवाई होती है।
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यह विवाद महिलाओं की राजनीति में स्थिति और सम्मान को लेकर चर्चा को बढ़ा सकता है।
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