महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में महाविकास आघाडी में बढ़ी खींचतान
MVA में 'महा-संग्राम': उद्धव सेना के फैसले से भड़की कांग्रेस, कहा— "हम अपना उम्मीदवार उतारेंगे, हमें किसी की परवाह नहीं"
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महाराष्ट्र में 12 मई, 2026 को होने वाले विधान परिषद चुनाव को लेकर महाविकास आघाडी में तनाव बढ़ गया है। उद्धव ठाकरे ने अंबादास दानवे को उम्मीदवार बनाते हुए कांग्रेस के साथ चर्चा नहीं की, जिससे कांग्रेस ने नाराजगी जताई और अपना उम्मीदवार उतारने का निर्णय लिया।
- 0112 मई, 2026 को विधान परिषद के 9 सीटों के चुनाव होने हैं।
- 02उद्धव ठाकरे ने अंबादास दानवे को उम्मीदवार बनाया, जिससे कांग्रेस में असंतोष है।
- 03कांग्रेस का आरोप है कि शिवसेना ने बिना चर्चा के फैसला लिया।
- 04कांग्रेस अब अपना अलग उम्मीदवार उतारने पर विचार कर रही है।
- 05यदि कांग्रेस अलग उम्मीदवार उतारती है, तो चुनाव में 'क्रॉस वोटिंग' का खतरा है।
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महाराष्ट्र की राजनीति में 12 मई, 2026 को होने वाले विधान परिषद चुनाव ने महाविकास आघाडी के भीतर खींचतान को बढ़ा दिया है। उद्धव ठाकरे (शिवसेना के नेता) ने अंबादास दानवे को उम्मीदवार बनाने का फैसला किया, जिसके चलते कांग्रेस ने इसे 'विश्वासघात' करार दिया है। कांग्रेस के नेता हर्षवर्धन सपकाल और विजय वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि शिवसेना ने बिना किसी चर्चा के यह निर्णय लिया। कांग्रेस का कहना है कि यदि उद्धव ठाकरे खुद चुनाव लड़ते, तो वे उनका समर्थन करने के लिए तैयार थे। इस असंतोष के चलते कांग्रेस अब अपना अलग उम्मीदवार उतारने की योजना बना रही है। उद्धव ठाकरे ने दानवे को उम्मीदवार बनाने के पीछे उनके प्रति निष्ठा का ईनाम और मराठवाड़ा क्षेत्र में उनकी स्थिति को बताया। वर्तमान में, महाविकास आघाडी को केवल एक सीट जीतने की संभावना है, और यदि कांग्रेस अलग उम्मीदवार उतारती है, तो यह चुनावी स्थिति को जटिल बना सकती है।
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यदि कांग्रेस अपना अलग उम्मीदवार उतारती है, तो यह चुनावी परिणाम को प्रभावित कर सकता है और महाविकास आघाडी की एकता को कमजोर कर सकता है।
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