हरियाणा निकाय चुनाव में कांग्रेस को मिली हार, भाजपा ने भूपेंद्र हुड्डा के गढ़ में भी जीत हासिल की
हरियाणा निकाय चुनाव के रण में नहीं चला कांग्रेस का जादू, हुड्डा के गढ़ सोनीपत और सांपला में भी मिली शिकस्त
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हरियाणा के शहरी निकाय चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन निराशाजनक रहा, जहां पार्टी का कोई उम्मीदवार जीत नहीं सका। भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के प्रभाव वाले क्षेत्रों में भी सफलता पाई, जैसे सांपला और सोनीपत।
- 01कांग्रेस का कोई उम्मीदवार हरियाणा के शहरी निकाय चुनाव में जीत नहीं सका।
- 02भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गढ़ों में भी जीत हासिल की।
- 03सांपला नगर परिषद में कांग्रेस ने कोई अधिकृत उम्मीदवार नहीं खड़ा किया।
- 04पंचकूला में कांग्रेस की सुधा भारद्वाज कमजोर साबित हुई।
- 05इनेलो भी चुनाव में सफल नहीं हो सकी, लेकिन निर्दलीय उम्मीदवारों का समर्थन मिला।
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हरियाणा के शहरी निकाय चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा, जहां पार्टी का कोई उम्मीदवार जीत दर्ज नहीं कर सका। राव नरेंद्र सिंह के कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद यह पहला चुनाव था, लेकिन पार्टी की आपसी गुटबाजी ने भाजपा को फायदा पहुंचाया। भाजपा ने भूपेंद्र सिंह हुड्डा के प्रभाव वाले क्षेत्रों, जैसे सांपला नगर परिषद, में भी जीत हासिल की। हालांकि, कांग्रेस ने सांपला में कोई अधिकृत उम्मीदवार नहीं खड़ा किया था। पंचकूला में सुधा भारद्वाज, जो हुड्डा विरोधी खेमे की मानी जाती हैं, को टिकट दिया गया, लेकिन वह भी चुनाव में कमजोर साबित हुईं। सोनीपत में भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा, जबकि इनेलो और आम आदमी पार्टी ने भी चुनाव में भाग लिया, लेकिन वे भी सफल नहीं हो सके।
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यह चुनाव परिणाम कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका है, जिससे पार्टी को अपने संगठन और रणनीतियों पर पुनर्विचार करना पड़ेगा।
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