पानीपत में बाल श्रमिकों का पुनर्वास केंद्र से भागने की योजना का खुलासा
Panipat News: दो दिन से बना रहे थे योजना चुना सबसे सुरक्षित रास्ता
Amar Ujala
Image: Amar Ujala
पानीपत, हरियाणा में बाल श्रमिक पुनर्वास केंद्र से चार बच्चों ने भागने की योजना बनाई। उन्होंने एक सुरक्षित रास्ता चुना, जहां कोई कैमरा नहीं था। योजना के तहत, उन्होंने स्टोर के ताले की चाबी चुराई और अन्य बच्चों के साथ मिलकर भागने की कोशिश की।
- 01चार बच्चों ने पुनर्वास केंद्र से भागने की योजना बनाई।
- 02सुरक्षित रास्ता चुनने के लिए स्टोर के पीछे का दरवाजा खोला गया।
- 03दो किशोर पहले से ही एक साथ रह रहे थे।
- 04बच्चों ने स्टाफ की अनुपस्थिति का फायदा उठाया।
- 05उन्होंने स्टोर के ताले की चाबी चुराई और भागने की कोशिश की।
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पानीपत, हरियाणा में शिव नगर बाल श्रमिक पुनर्वास केंद्र से चार बच्चों ने भागने की योजना बनाई। इन बच्चों ने दो दिन तक योजना बनाई और सिरसा निवासी किशोर ने सबसे सुरक्षित रास्ता चुना, जो स्टोर के पीछे का दरवाजा था। इस रास्ते पर न तो कोई कैमरा था और न ही किसी का ध्यान जाता था। दो किशोर पहले से ही एक साथ रह रहे थे और शनिवार को रेलवे स्टेशन से रेस्क्यू किए गए 12 और 7 साल के बच्चे भी उनके साथ मिल गए। योजना के अनुसार, बच्चों ने स्टाफ की अनुपस्थिति का फायदा उठाया। सोमवार को जब वार्डन और एक अन्य कर्मचारी बाल कल्याण समिति के कार्यालय में गए थे, तब महिला कर्मचारी ही केंद्र में थी। बच्चों ने नींद आने का बहाना बनाकर स्टोर के कमरे में चले गए और वहां से ताले की चाबी चुरा ली। उन्होंने टीवी की आवाज का बहाना बनाकर दरवाजा बंद कर लिया और कूलर चला दिया ताकि अंदर की आवाज बाहर न जा सके।
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यह घटना बाल श्रमिकों की सुरक्षा और पुनर्वास केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है।
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